गंगा का पानी बढ़ा तो बाढ़ में नहाने लगे लोग, गोगरी पुलिस ने पहुंचकर बाहर निकाला, दोबारा उतरे तो कार्रवाई की चेतावनी

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बाढ़ के पानी में नहाते लोगों को निकालते पुलिस

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गंगा का जलस्तर बढ़ने से गोगरी प्रखंड में बाढ़ की स्थिति विकट हो गई है, लेकिन कुछ युवा जान जोखिम में डालकर बाढ़ के पानी में नहा और खेल रहे हैं. प्रशासन की चेतावनी के बावजूद हरकतें जारी हैं, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.

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Gogri Flood Water Safety: गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ गोगरी प्रखंड में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. निचले इलाकों में पानी फैल रहा है और लोगों की परेशानी बढ़ रही है. इसके बावजूद कुछ लोग बाढ़ के पानी को खतरे की जगह मनोरंजन का साधन बना रहे हैं.

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गोगरी, रामपुर और बौरना समेत कई इलाकों में दर्जनों लोग गहरे बाढ़ के पानी में नहाते और खेलते नजर आये. प्रशासन की ओर से लगातार गहरे पानी में नहीं जाने की चेतावनी दी जा रही है. इसके बाद भी लोग जोखिम उठाने से बाज नहीं आ रहे हैं.

बौरना में स्थिति तब गंभीर हो गयी, जब स्थानीय लोगों और मुखिया प्रतिनिधि नासिर इकबाल के मना करने के बावजूद कुछ युवक गहरे पानी में नहाने और छलांग लगाने से नहीं माने. आखिरकार पुलिस को सूचना दी गयी. मौके पर पहुंची गोगरी थाना की पुलिस ने पानी में नहा रहे लोगों को बाहर निकाला और दोबारा पानी में जाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी.

रोकने पर भी नहीं माने युवक, पुलिस को बुलाना पड़ा

बौरना में बड़ी संख्या में लोग बाढ़ के पानी में नहाने के लिए पहुंचे थे. स्थानीय लोगों ने उन्हें पानी में नहीं जाने की सलाह दी. मुखिया प्रतिनिधि नासिर इकबाल ने भी लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ लोग मानने को तैयार नहीं हुए.

इसके बाद गोगरी पुलिस को सूचना दी गयी. पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो बाढ़ के पानी में नहा रहे लोगों को बाहर निकाला गया.

पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी कि दोबारा कोई व्यक्ति गहरे बाढ़ के पानी में जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. पुलिस की सख्ती के बाद लोग पानी से बाहर निकले.

जहां युवक कूद रहे थे, वहां बांस-ईंट और पत्थर भी मौजूद

बौरना में जिस जगह कुछ युवक पानी में छलांग लगा रहे थे, वहां पहले से बांस, ईंट और पत्थर भी मौजूद थे. ऐसे में पानी की वास्तविक गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल था.

बाढ़ के पानी में ऊपर से जमीन या सड़क जैसी स्थिति दिखाई देने के बावजूद नीचे गड्ढा या कोई कठोर वस्तु हो सकती है. तेज बहाव के बीच ऐसी स्थिति में पैर फिसलने या चोट लगने का खतरा और बढ़ जाता है.

यही वजह है कि प्रशासन लोगों को बाढ़ के गहरे पानी में नहीं जाने की लगातार चेतावनी दे रहा है. इसके बावजूद युवाओं का इस तरह जोखिम उठाना चिंता का विषय बना हुआ है.

गोगरी, रामपुर और बौरना में पानी के बीच दिखे लोग

गोगरी अंचल के रामपुर, हरिपुर, भुड़िया दियारा, बौरना और गोगरी में बाढ़ का पानी फैल चुका है. निचले इलाकों में पानी प्रवेश करने से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है.

गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण पानी धीरे-धीरे नए इलाकों की ओर फैल रहा है. ऐसे समय में नदी और बाढ़ के पानी के आसपास जाने को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है.

बाढ़ का पानी केवल नदी के किनारे ही खतरनाक नहीं होता. पानी के नीचे सड़क, गड्ढे, नाले, टूटे रास्ते या दूसरी वस्तुएं छिपी हो सकती हैं. बहाव का अंदाजा भी केवल ऊपर से देखकर लगाना मुश्किल होता है.

कुछ दिन पहले गंगा में डूबने से युवक की गयी थी जान

गोगरी थाना क्षेत्र में डूबने की घटना पहले भी सामने आ चुकी है. कुछ दिन पहले चकयुसूफ का एक युवक गोगरी के उसरी गंगा घाट पर नहाने गया था. गंगा नदी के गहरे पानी में डूबने से उसकी मौत हो गयी थी.

इसके बावजूद बाढ़ के दौरान गहरे पानी में नहाने की घटनाएं सामने आना प्रशासन और स्थानीय लोगों दोनों के लिए चिंता बढ़ाने वाला है. एक छोटी सी लापरवाही परिवार के लिए जिंदगी भर का दुख बन सकती है.

बच्चों और किशोरों पर अभिभावक रखें खास नजर

बाढ़ के दौरान बच्चों और किशोरों का पानी की ओर आकर्षित होना स्वाभाविक हो सकता है, लेकिन इस समय नदी और आसपास जमा पानी की स्थिति सामान्य दिनों से बिल्कुल अलग होती है.

कहां पानी कितना गहरा है, नीचे क्या है और बहाव कितना तेज है, इसका अनुमान लगाना मुश्किल होता है. ऐसे में अभिभावकों की जिम्मेवारी और बढ़ जाती है.

परिजनों को बच्चों और किशोरों को बाढ़ के पानी में नहाने या खेलने के लिए जाने से रोकना चाहिए. खासकर उन स्थानों पर जहां पानी गहरा है या तेज बहाव है, वहां किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहिए.

Gogri Flood Water Safety: बढ़ते जलस्तर के बीच पुलिस की सख्ती जरूरी

गोगरी क्षेत्र में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. ऐसे में प्रशासन के सामने राहत और बचाव के साथ लोगों को सुरक्षित रखने की भी चुनौती है.

बौरना की घटना यह बताती है कि केवल चेतावनी जारी करना पर्याप्त नहीं है. जहां लोग बार-बार जोखिम उठाकर पानी में उतर रहे हैं, वहां पुलिस और प्रशासन की निगरानी जरूरी हो जाती है.

फिलहाल गोगरी पुलिस ने पानी में नहा रहे लोगों को बाहर निकालकर दोबारा ऐसा करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है. बाढ़ का पानी घटने तक लोगों की सतर्कता ही किसी बड़े हादसे को रोकने में सबसे अहम भूमिका निभा सकती है.

बाढ़ के पानी में नहाते लोगों को निकालते पुलिस | Prabhat Khabar Network
बाढ़ के पानी में नहाते लोगों को निकालते पुलिस | Prabhat Khabar Network

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