खगड़िया: परबत्ता के अगुवानी उत्तरवाहिनी गंगा तट पर 16वीं गंगा महाआरती का भव्य आयोजन, दीपों से जगमगाया घाट
अगुवानी घाट पर भव्य महाआरती | Prabhat Khabar Network
खगड़िया के परबत्ता प्रखंड में ऐतिहासिक अगुवानी उत्तरवाहिनी गंगा तट पर 16वीं भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया गया. श्रावणी पूर्णिमा के अवसर पर सैकड़ों दीपों की जगमगाहट और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने मां गंगा की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की. यह आयोजन अब हर पूर्णिमा को एक भव्य उत्सव का रूप ले चुका है.
खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत ऐतिहासिक अगुवानी उत्तरवाहिनी गंगा तट पर श्रावणी पूर्णिमा के पावन अवसर पर शुक्रवार की संध्या 16वीं भव्य 'गंगा महाआरती' का आयोजन किया गया. वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और सैकड़ों दीपों की जगमगाहट के बीच संपन्न हुई इस महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया. भक्तों ने मां गंगा का विधि-विधान से पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और आरोग्यता की कामना की. माघी पूर्णिमा से शुरू हुआ यह आध्यात्मिक अनुष्ठान अब हर पूर्णिमा को अगुवानी गंगा तट पर एक भव्य उत्सव का रूप ले चुका है.
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माघी पूर्णिमा से अनवरत जारी है महाआरती की परंपरा
अगुवानी गंगा घाट पर धार्मिक और सांस्कृतिक नवजागरण का यह सिलसिला लगातार गति पकड़ रहा है:
- विधायक का सहयोग: स्थानीय विधायक बाबूलाल शौर्य के विशेष सहयोग और अगुवाई में माघी पूर्णिमा के दिन से इस गंगा महाआरती का शुभारंभ किया गया था.
- 16वीं कड़ी संपन्न: हर पूर्णिमा पर आयोजित होने वाले इस सिलसिले की यह 16वीं कड़ी थी, जिसे श्रावणी पूर्णिमा और रक्षाबंधन के पावन संयोग पर पूरे विधि-विधान व वैदिक रीति-नीति से संपन्न कराया गया.
दीपदान और शंखध्वनि से भक्तिमय हुआ गंगा तट
शुक्रवार की संध्या ढलते ही अगुवानी गंगा घाट का दृश्य आलौकिक और विहंगम नजर आ रहा था:
- हजारों दीपों का अर्पण: श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर दीप प्रज्वलित कर मां गंगा की पावन धारा में प्रवाहित (दीपदान) किए, जिससे गंगा की लहरें दीपों की रोशनी से जगमगा उठीं.
- दिव्य आरती का दर्शन: पुरोहितों द्वारा की गई भव्य महाआरती के दौरान घंटों, घड़ियाल और शंख की पवित्र ध्वनियों से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया.

धार्मिक पर्यटन और गंगा स्वच्छता का संदेश
आयोजकों के अनुसार, इस नियमित आयोजन के पीछे कई महत्वपूर्ण सामाजिक व धार्मिक उद्देश्य निहित हैं:
- उत्तरवाहिनी गंगा का महत्व: अगुवानी में गंगा नदी 'उत्तरवाहिनी' रूप में प्रवाहित होती हैं, जिसे सनातन परंपरा में अत्यंत पुण्यदायी और मोक्षदायिनी माना गया है.
- स्वच्छता और जन-जागरूकता: महाआरती के जरिए आम जनता को गंगा नदी की अविरलता, निर्मलता और तटों की साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है.
- स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा: आयोजन समिति का प्रयास है कि अगुवानी गंगा तट को बनारस और हरिद्वार की तर्ज पर एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाई जा सके.
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