पीड़ितों के समक्ष भूख मिटाने का जुगाड़ नहीं

Published at :25 Aug 2016 4:39 AM (IST)
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पीड़ितों के समक्ष भूख मिटाने का जुगाड़ नहीं

गोगरी : गोगरी प्रखंड क्षेत्र में आयी बाढ़ की विभीषिका से पीड़ित त्रस्त हैं. बाढ़ की इस त्रासदी का असर बाढ़ में अपने घरों के छप्पर, छत व घर में ऊंचे बनाये गये मचानों पर बैठे लोगों के अलावा पलायन कर रहे लोगों के मुखमंडल पर स्पष्ट दिखाई देने लगे हैं. पीने के लिए शुद्ध […]

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गोगरी : गोगरी प्रखंड क्षेत्र में आयी बाढ़ की विभीषिका से पीड़ित त्रस्त हैं. बाढ़ की इस त्रासदी का असर बाढ़ में अपने घरों के छप्पर, छत व घर में ऊंचे बनाये गये मचानों पर बैठे लोगों के अलावा पलायन कर रहे लोगों के मुखमंडल पर स्पष्ट दिखाई देने लगे हैं. पीने के लिए शुद्ध पानी तक नहीं मिल रहा है, पलायन करने वाले जो लोग अपने सगे-संबंधियों के यहां पहुंच चुके हैं. उन्हें घरों की चिंता भी सता ही रही है.

वहीं किसी सूखे स्थान पर अपना आशियाना बना देने वाले पीड़ितों के समक्ष भुख मिटाने का कोई जुगाड़ नहीं है.

नये क्षेत्रों में प्रवेश किया बाढ़ का पानी : सभी बाढ़ पीड़ित क्षेत्र की सड़क के ऊपर से पानी का बहाव होने के बाद दक्षिण दिशा में नये क्षेत्रों में पानी प्रवेश कर गया है. गोगरी से लेकर कटघरा दियारा तक के दक्षिण दिशा में पानी फैल गया है. रामपुर में किसानों के खेतों में लगे सैकड़ों एकड़ की फसल बरबाद हो गयी है
. वहीं गोगरी और बौरना आदि पंचायातों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने से लोगों में अफरा-तफरी मच गयी. लोग अपने-अपने घरों के खुली छत, छप्पर व ऊंचे मचान पर आशियाना बनाने में लगे हैं. दूसरी ओर रामपुर से प्रखंड मुख्यालय पथ के ऊपर से पानी का बहाव होने के कारण रामपुर से जीएन बांध तक जाने वाली सड़क के निकट पथ पूर्णतया क्षतिग्रस्त हो गया है. इस पथ पर बांध के समीप बने डायवर्सन के ऊपर से पानी का बहाव होने के कारण वह भी क्षतिग्रस्त होने लगा है.
मनमाना किराया पर डीएम ने लिया एक्शन: बाढ़ पीड़ित क्षेत्र गोगरी में बाढ़ के रौद्ररुप से एक और पूरे इलाके में तबाही का मंजर है. वहीं दूसरी और सरकार के द्वारा बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर लाने ले जाने के लिए दिये गये सरकारी नाव से बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए इटहरी पंचायत के भुड़ीया दियारा के कुछ स्थानीय दबंगों के द्वारा 20 से 50 रुपये वसूली करते हैं. मवेशी और पशुओं को ले जाने के लिए 200 से 500 रुपये तक की वसूली किया जाता है. स्थानीय लोगों ने गोगरी प्रशासन को पूर्व में शिकायत भी की थी, लेकिन प्रशासन ने अनदेखी करते हुए स्थानीय दबंगों का मनोबल बड़ गया है.
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