खुलासा . सूचना के आधिकार नियम के तहत मिली जानकारी

Published at :28 Mar 2016 4:12 AM (IST)
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खुलासा . सूचना के आधिकार नियम के तहत मिली जानकारी

लापवाही से नहीं हुई लाखों की वसूली जिले में जनशिकायत के निष्पादन की स्थिति अच्छी नहीं है. जांच के नाम पर यहां विभिन्न सरकारी दफ्तरों में सैकड़ों आवेदन पत्र धूल फांक रहे हैं.लेकिन, कुछ ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जहां जांच तो वर्षो पूर्व हो चुकी है, पर विभाग के सक्षम पदाधिकारी द्वारा कार्रवाई […]

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लापवाही से नहीं हुई लाखों की वसूली

जिले में जनशिकायत के निष्पादन की स्थिति अच्छी नहीं है. जांच के नाम पर यहां विभिन्न सरकारी दफ्तरों में सैकड़ों आवेदन पत्र धूल फांक रहे हैं.लेकिन, कुछ ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जहां जांच तो वर्षो पूर्व हो चुकी है, पर विभाग के सक्षम पदाधिकारी द्वारा कार्रवाई का भी आदेश दे दिया गया है, लेकिन महीनों-साल बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो पाई है.
खगड़िया : आरटीआइ के तहत मांगी गई सूचना से इस बात का खुलासा हुआ है कि भ्रष्टाचार के दो मामलों में पूर्व में जांच हो चुकी है. इसके बाद राशि की वसूली के लिए वरीय अधिकारी द्वारा आदेश भी दिये गए थे.आरोपी सराकरी लोक सेवक भी सेवानिवृत्त हो गए, लेकिन इनसे सरकारी राशि की वसूली नहीं हो पाई.
क्या है मामला . पहला मामला शिक्षा विभाग से जुड़ा हुआ है.विद्यालय के भवन निर्माण की करीब 7 लाख रूपये गबन करने के आरोप में कन्या मध्य विद्यालय अलौली के पूर्व प्रधानाध्यापिका के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई तथा प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश 17 अगस्त 2008 यानी 8 वर्ष पूर्व दिया गया था.
अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आलोक में तत्कालीन डीएम ने जिला शिक्षा अधीक्षक को यह आदेश दिया था.लेकिन शिक्षा विभाग ने आरोपी उक्त प्रधानाध्यापिका पर कार्रवाई की अथवा नहीं इस पर रहस्य बना हुआ है. हाल ही के दिनों में आरटीआई के तहत जब डीएम कार्यालय से इस बात की सूचना मांगी गई तो इस विभाग के लोक सूचना पदाधिकारी ने अपने दोनो हाथ खड़े कर लिये.18 मार्च को इस मामले की सुनवाई हुई.
सुनवाई के दौरान राज्य सूचना आयुक्त बीके वर्मा के समक्ष उपस्थित हुए वरीय उपसमाहर्ता संजीव कुमार चौधरी द्वारा आयुक्त एवं आवेदक को सिर्फ यह जानकारी दी गई कि शिक्षा विभाग के पदाधिकारी को प्राथमिकी दर्ज कराना था. आखिरकार आयुक्त ने कार्रवाई की जानकारी देने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी को तलब किया है. अगली सुनवाई के दौरान पीआईओ के साथ डीईओ को भी अपस्थित होकर आरोपी प्रधानाध्यापिका के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी देनी पड़ेगी. सूत्र के मुताबिक शिक्षा विभाग द्वारा अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी गयी है.
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