गली-मोहल्लों में QR कोड लेकर घूम रहे मुसलमान, कटिहार में मस्जिदों पर चिपकाए पर्चे, जानें क्या है पूरा मामला

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Bihar: वक्फ बिल का विरोध कर रहे लोग आम मुसलमानों को यह कहकर डरा रहे है कि बिल के पास होने के बाद उनकी मस्जिदें, मदरसे और कब्रिस्तान, यहां तक कि प्रॉपर्टी को सरकार छिन लेगी.

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केंद्र की मोदी सरकार ने मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में वक्फ संसोधन पेश किया. हालांकि विपक्ष के विरोध के बाद सरकार ने इस बिल को संसद की जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (जेपीसी) के पास भेज दिया. इस दौरान देश के कई मुस्लिम नेता, धर्म गुरु समेत आम मुसलमान लगातार इस बिल का विरोध कर रहे हैं. ऐसे में बिहार के कटिहार जिले में मुस्लिम समुदाय के लोग एक QR कोड स्कैन करके संसदीय समिति के पास अपनी आपत्ति दर्ज करवा रहे हैं. मुस्लिम समाज के कई लोगों ने इन QR कोड को मस्जिदों के दीवारों पर चिपकाकर लोगों को स्कैन कर बिल का विरोध करने के लिए कहा है.

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बिल पास हो गया तो छिन जाएगा घर

वक्फ बिल का विरोध कर रहे लोग आम मुसलमानों को यह कहकर डरा रहे है कि बिल के पास होने के बाद उनकी मस्जिदें, मदरसे और कब्रिस्तान, यहां तक कि प्रॉपर्टी को सरकार छिन लेगी. उन्हें देश में दूसरे दर्जे का नागरिक बना दिया जाएगा. कटिहार जिले की मिलन चौक मस्जिद, रामपाड़ा मस्जिद समेत कई मस्जिदों के बाहर ‘रिजेक्ट वक्फ अमेंडमेंट बिल’ के QR कोड चिपकाए गए हैं. ये QR कोड इमारतें शरिया, इदारा शरिया जैसी कई संस्थाओं ने लगाए हैं.

देशभर में हो रहा बिल का विरोध

बता दें कि वक्फ बोर्ड बिल का देश भर के मुसलमान विरोध कर रहे हैं. आल इंडिया मिल्ली काउंसिल ने बेंगलुरू में बैठक कर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का प्रस्ताव पारित किया है. बिल के विरोध में मुस्लिम समुदाय के लोग अपने इलाकों में, मस्जिदों और मदरसों के आसपास जमा हो रहे हैं और एक QR कोड स्कैन कर वक्फ बोर्ड बिल पर बनी संयुक्त संसदीय समिति के पास अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं. वैसे ये बिल अभी संसद की संयुक्त समिति के पास है, जहां इस पर चर्चा चल रही है और जरूरी बदलावों के बाद इसे फिर से सरकार के पास भेजा जाएगा। इसके बाद यह बिल संसद में प्रस्तुत होगा और बहस के बाद कानून का रूप लेगा।

JPC में 31 सांसद है सदस्य

वक्फ बिल को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला जिस JPC का गठन किया है, उसमें 31 सांसदों को शामिल किया गया है. इस JPC में लोकसभा के 21 सांसद और राज्यसभा के 10 सांसद हैं. बीजेपी के लोकसभा सांसद जगदंबिका पाल इस जेपीसी के अध्यक्ष हैं. इनके अलावा लोकसभा अध्यक्ष ने लोकसभा से निशिकांत दुबे, तेजस्वी सूर्या, अपराजिता सारंगी, संजय जयसवाल, दिलीप सैकिया, अभिजीत गंगोपाध्याय, डीके अरुणा, गौरव गोगोई, इमरान मसूद, मोहम्मद जावेद, मौलाना मोहिबुल्ला नदवी, कल्याण बनर्जी, ए. राजा, लावू श्रीकृष्णा, दिलेश्वर कामत, अरविंद सावंत, सुरेश गोपीनाथ महत्रे, नरेश गणपत म्हास्के, अरुण भारती, असदुद्दीन औवैसी और राज्यसभा से बृज लाल, मेधा विश्राम कुलकर्णी, गुलाम अली, राधा मोहन दास अग्रवाल, सैयद नसीर हुसैन, नदीमुल हक, विजय साई रेड्डी, मोहम्मद अब्दुल्ला, संजय सिंह, वीरेंद्र हेगड़े को कमेटी का सदस्य नियुक्त किया हैं.

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