बिहार के सरकारी स्कूलों में सुधार के लिए JDU नेता बिनोद कुमार ने उठाई आवाज, सीएम और शिक्षा मंत्री से की 7 सूत्री मांग

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JDU नेता बिनोद कुमार ने बिहार सरकार से सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पारदर्शी व्यवस्था के लिए 7 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा है. उनकी मांगें शिक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने पर केंद्रित हैं.

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बिहार के सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नेता सह अधिवक्ता बिनोद कुमार ने राज्य सरकार से महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है. उन्होंने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर बिहार की स्कूली शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए 7 सूत्री मांगों का एक ज्ञापन प्रस्तुत किया है.

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एकीकृत सिलेबस और मासिक कैलेंडर की कमी पर उठाये सवाल

जदयू नेता बिनोद कुमार ने कहा कि वर्तमान में राज्य के अधिकांश सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से बारहवीं तक के लिए आधिकारिक और एकीकृत वार्षिक शैक्षणिक सिलेबस (Annual Syllabus) का अभाव है. शिक्षकों और विद्यार्थियों को यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाती कि किस महीने में किस विषय का कौन-सा पाठ पढ़ाया जाना है.

इसी अव्यवस्था को दूर करने के लिए उन्होंने सरकार के समक्ष मुख्य रूप से 7 सूत्री सुझाव और मांगें रखी हैं:

JDU नेता की 7 प्रमुख मांगें (7-Point Demands)

  1. आधिकारिक सिलेबस और कैलेंडर: कक्षा 1 से 12वीं तक के लिए राज्य स्तरीय एकीकृत आधिकारिक वार्षिक सिलेबस और एकेडमिक कैलेंडर जारी किया जाए.
  2. मासिक गतिविधि निर्धारण: प्रत्येक माह में होने वाली पढ़ाई, मासिक परीक्षा, खेलकूद और सह-शैक्षणिक गतिविधियों की स्पष्ट रूपरेखा तय हो.
  3. नियमित मॉनिटरिंग: विद्यालयों में तय सिलेबस के अनुसार पढ़ाई हो रही है या नहीं, इसकी प्रशासनिक स्तर पर नियमित निगरानी (Monitoring) की जाए.
  4. कंप्यूटर शिक्षकों का कार्य-क्षेत्र तय हो: स्कूलों में कार्यरत कंप्यूटर शिक्षकों के कार्य और दायित्वों से संबंधित स्पष्ट गाइडलाइन जारी की जाए.
  5. कंप्यूटर लैब व संसाधन: सभी सरकारी स्कूलों में आधुनिक कंप्यूटर लैब, इंटरनेट और अन्य जरूरी शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जाए.
  6. मॉडल स्कूलों की तर्ज पर सुविधाएं: मॉडल विद्यालयों की तरह राज्य के सामान्य सरकारी विद्यालयों को भी न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं से लैस किया जाए.
  7. केंद्रीकृत नोटिस प्रणाली (Centralized Notice System): सभी सरकारी आदेशों, पत्रों और विभागीय निर्देशों के लिए एक एकीकृत पोर्टल/नोटीफिकेशन सिस्टम बने, ताकि शिक्षकों तक हर सूचना समय पर और एक ही माध्यम से पहुंच सके.

"शिक्षा व्यवस्था में सुधार से सशक्त होगा बिहार का भविष्य"

अधिवक्ता बिनोद कुमार ने जोर देकर कहा कि यदि राज्य सरकार इन व्यावहारिक सुझावों को लागू करती है, तो बिहार की स्कूली शिक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुखी बनेगी. इससे न केवल शिक्षकों का अध्यापन कार्य सुगम होगा, बल्कि राज्य के लाखों छात्र-छात्राओं को समान और विश्वस्तरीय शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा.


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