चमकी बुखार की आशंका पर सदर अस्पताल में एक बच्चे को कराया भर्ती
Author Prabhat khabar digital desk
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कटिहार : मुजफ्फरपुर में चमकी व दिमागी बुखार से बड़ी तादाद में बच्चों की मौत होने के बाद कटिहार जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के अभिभावकों में भी भय और डर समाया हुआ है. सोमवार की सुबह सदर अस्पताल में बुखार से पीड़ित एक बच्चे को भर्ती कराया गया है. जबकि बुखार होने पर […]
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कटिहार : मुजफ्फरपुर में चमकी व दिमागी बुखार से बड़ी तादाद में बच्चों की मौत होने के बाद कटिहार जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के अभिभावकों में भी भय और डर समाया हुआ है. सोमवार की सुबह सदर अस्पताल में बुखार से पीड़ित एक बच्चे को भर्ती कराया गया है. जबकि बुखार होने पर जांच के लिए बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चे को लेकर सदर अस्पताल पहुंच रहे हैं.
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सोमवार की सवेरे जिले के बारसोई प्रखंड अंतर्गत रघुनाथपुर निवासी मो रहीम ने अपने दो वर्षीय पुत्र अबू सुफियान को सदर अस्पताल में भर्ती कराया है. परिजनों ने बताया कि सुफियान बुखार से पीड़ित है व चमकी भी आ रहा था. उपचार के दृष्टिकोण से सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सुफियान को सदर अस्पताल के वार्ड संख्या 22 में भर्ती कराया गया है. जहां चिकित्सक उसके जांच व इलाज में जुटे हुए है.
चिकित्सक एवं सिविल सर्जन ने अभी तक चमकी या दिमागी बुखार होने की पुष्टि नहीं की है. इस बीच सोमवार को दोपहर के बाद आधा दर्जन बुखार से पीड़ित बच्चे को उनके अभिभावक जांच के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे. शहर के गौशाला के राकेश कुमार, एक वर्षीय माही कुमारी, दुर्गास्थान चौक के तीन वर्षीय शुभांगी राज, दो नंबर कॉलोनी के परी कुमारी को बुखार होने के बाद उनके अभिभावक जांच कराने के लिए सदर अस्पताल पहुंचे है
. हालांकि इसमें से राकेश कुमार को कटिहार मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है. इन बच्चों के जांच व इलाज में जुटे डॉक्टरों ने चमकी या दिमागी बुखार होने की पुष्टि नहीं की है. चिकित्सकों ने कहा कि पूरी जांच पड़ताल के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. हालांकि स्थानीय स्वास्थ्य महकमा चमकी या दिमागी बुखार की रोकथाम तथा इसके बचाव को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए किस तरह की पहल की है. इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है. जिला स्वास्थ्य समिति जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने भी इस इस मामले में अनभिज्ञता जाहिर की है.
चमकी बुखार से बचने के लिए यह करें
- चमकी बुखार से बच्चों को बचाने के लिऐ बच्चों को धूप से दूर रखें, अधिक से अधिक पानी का सेवन कराएं
- हलका साधारण खाना खिलाएं व बच्चो को जंक फूड से दूर रखें, खाली पेट लीची ना खिलाएं
- रात को खाने के बाद थोड़ा मीठा ज़रूर खिलाएं, घर के आसपास पानी जमा न होने दें
- कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें, रात को सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें
- पूरे बदन का कपड़ा पहनाएं, सड़े गले फल का सेवन ना करायें, ताजा फल ही खिलाएं
- बच्चों के शरीर में पानी की कमी न होने दें, अधिक से अधिक बच्चों को पानी पिलाएं
प्रभात अपील
यह बीमारी 10 साल तक के बच्चों को अधिक अटैक कर रहा है. आप अपने बच्चों का पूरा ध्यान रखें और घबरायें नहीं. कोई भी लक्षण नजर आये तो शीघ्र अस्पताल पहुंचें व डाॅक्टर से संर्पक करें. प्रभात खबर आप सभी से यह अपील करता है कि जागरूकता फैलाने में आप सहयोग करें और अधिक से लोगों जागरूक कर नौनिहालों की जान बचाने में पहल करें.
चमकी बुखार के लक्षण
- बच्चों को अचानक तेज बुखार आना
- हाथ पैर में अकड़ आना-टाइट हो जाना
- बेहोश हो जाना, शुगर कम हो जाना
- बच्चों के शरीर का चमकना-शरीर का कांपना
- शरीर पर चकत्ता निकलना
- गुलकोज़ का शरीर में कम हो जाना
कहते हैं सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ मुर्तजा अली ने इस संदर्भ में कहा कि कटिहार जिले में चमकी या दिमागी बुखार का कोई मामला अभी उजागर नहीं हुआ है. बुखार होने पर एक बच्चे को भर्ती कराया गया है. उसका उपचार चल रहा है. इस तरह बुखार से पीड़ित बच्चे को उपचार के लिए चिकित्सकों का आवश्यक निर्देश भी दिया गया है.
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