कैमूर में ओवरलोडेड डंपरों से सड़कें बेहाल, PWD ने NHAI से कार्रवाई और मरम्मत की मांग की

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सड़क पर जमें मिट्टी से गुजरते बाइक चालक | Prabhat Khabar Network

भभुआ में ओवरलोडेड डंपरों के कारण सड़कें जर्जर हो गई हैं। कीचड़ और गड्ढों से राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है। विभाग ने एनएचएआई से कार्रवाई की मांग की है।

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Kaimur News : कैमूर जिले में मिट्टी ढुलाई में लगे ओवरलोडेड डंपरों और हाईवा के लगातार परिचालन से कई महत्वपूर्ण सड़कों की हालत खराब हो गयी है. भारी वाहनों की आवाजाही के कारण जगह-जगह सड़कें टूट गयी हैं और गहरे गड्ढे उभर आये हैं. बरसात के कारण इन गड्ढों में पानी भरने के साथ सड़क पर मिट्टी और कीचड़ फैलने से फिसलन भी बढ़ गयी है. इससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है.

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क्षमता से अधिक मिट्टी ढुलाई से सड़कें हो रहीं क्षतिग्रस्त

इस समस्या को लेकर पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल भभुआ ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), परियोजना कार्यालय सासाराम के परियोजना निदेशक को पत्र भेजा है. विभाग ने ओवरलोडेड वाहनों के परिचालन पर तत्काल रोक लगाने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की है.

विभाग की ओर से भेजे गये पत्र में बताया गया है कि संबंधित परियोजना के तहत मिट्टी की कटाई और भराई का काम चल रहा है. इस कार्य में लगे हाईवा और टिपर निर्धारित क्षमता से अधिक भार लेकर पथ प्रमंडल भभुआ की विभिन्न सड़कों से मिट्टी का परिवहन कर रहे हैं. क्षमता से अधिक भार के कारण सड़क की सतह को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है और कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं.

इन प्रमुख सड़कों पर सबसे ज्यादा असर

पथ निर्माण विभाग ने पत्र में उन सड़कों का भी उल्लेख किया है, जहां ओवरलोडेड वाहनों के परिचालन से स्थिति खराब हुई है. इनमें दुर्गावती-हाटा पथ, बेलवासी-मुंडेश्वरी-भगवानपुर पथ, अकोरहा-हाटा-महदइया पथ, भभुआ-भगवानपुर-अधौरा पथ के 0 से 17 किलोमीटर, ओरा-धरवार पथ के 0 से 11 किलोमीटर, भगवानपुर-नौगढ़-जैतपुर पथ के 0 से चार किलोमीटर तथा भभुआ-सवार पथ के 0 से 22 किलोमीटर तक का हिस्सा शामिल है.

विभाग के अनुसार, कई जगहों पर सड़क पर गहरे गड्ढे बन चुके हैं. भारी वाहनों के टायरों से सड़क की ऊपरी सतह भी क्षतिग्रस्त हो रही है. लगातार वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है.

बिना तिरपाल ढके मिट्टी ढोने से बढ़ी परेशानी

मिट्टी ढोने वाले कई वाहनों पर निर्धारित तरीके से तिरपाल नहीं लगाने की वजह से सड़क पर मिट्टी गिरकर फैल रही है. बारिश होने पर यही मिट्टी पानी के साथ मिलकर सड़क पर कीचड़ और फिसलन पैदा कर रही है. इससे दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगह सड़क पर गड्ढों और कीचड़ के कारण वाहन चालक अचानक नियंत्रण खो सकते हैं. रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि पानी से भरे गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है.

बारिश में बढ़ा दुर्घटना का खतरा

ओवरलोडेड वाहनों की आवाजाही और लगातार बारिश ने सड़क की समस्या को और गंभीर बना दिया है. सड़क पर फैली मिट्टी पानी के साथ मिलकर कीचड़ में बदल रही है. कई हिस्सों में फिसलन इतनी बढ़ गयी है कि पैदल चलने वालों को भी काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है.

ग्रामीणों और राहगीरों को आशंका है कि यदि समय रहते ओवरलोडेड वाहनों पर रोक नहीं लगायी गयी और सड़कों की मरम्मत नहीं हुई तो आने वाले दिनों में दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ सकता है.

पीडब्ल्यूडी ने एनएचएआई से कार्रवाई की मांग की

पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ने पत्र में बताया है कि संबंधित पथों की निविदा प्रक्रिया में है और वर्तमान में इन सड़कों पर कोई एकरारनामा प्रभावी नहीं है. ऐसे में जनहित और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ओवरलोडेड वाहनों के अवैध एवं अनियंत्रित परिचालन पर तत्काल रोक लगाना जरूरी है.

विभाग ने एनएचएआई से संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए निर्देशित करने तथा क्षतिग्रस्त सड़क के हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है. अब विभागीय पत्र के बाद ओवरलोडेड डंपरों पर कार्रवाई और खराब सड़कों की मरम्मत को लेकर संबंधित अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गयी है.

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