कैमूर : भभुआ में आज होगी विश्वकर्मा पूजा, सुबह 9 बजे तक नहीं कर सकें हैं पूजा तो अभिजीत मुहूर्त में इस समय करें आराधना
विश्वकर्मा पूजा (सांकेतिक तस्वीर)
Vishwakarma Puja 2026 : कैमूर के भभुआ शहर में देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पूजा के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. आज घरों और दुकानों में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी. जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व.
Vishwakarma Puja 2026 : कैमूर के भभुआ शहर में देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पूजा को लेकर तैयारियां पूरी हो गयी हैं. 17 सितंबर यानी आज घरों और दुकानों में विश्वकर्मा पूजा की जाएगी. शहर के कई स्थानों पर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की तैयारी है. आटा चक्की मिल, गैरेज, मोबाइल सेंटर, हार्डवेयर दुकान, वाहन शोरूम और लकड़ी मिल समेत विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी पूजा को लेकर उत्साह है.
बाजार में बढ़ी चहल-पहल
विश्वकर्मा पूजा को लेकर भभुआ के बाजार में चहल-पहल बढ़ गयी है. लोग अपने वाहनों की साफ-सफाई और सजावट में जुटे हैं. कई लोग इस अवसर पर नये वाहन खरीदने की भी तैयारी कर रहे हैं.
इन प्रतिष्ठानों में होती है विशेष पूजा
विश्वकर्मा पूजा के मौके पर विशेष रूप से आटा चक्की मिल, गैरेज, मोबाइल सेंटर, हार्डवेयर प्रतिष्ठान, वाहन शोरूम और लकड़ी मिल में भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाती है. औद्योगिक प्रतिष्ठानों और कल-कारखानों में भी पूजा की तैयारियां चल रही हैं.
प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे मूर्तिकार
शहर में जगह-जगह भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी. इसके लिए मूर्तिकार प्रतिमाओं को आधुनिक साज-सज्जा के साथ अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं. पूजा स्थलों को भी सजाने की तैयारी की जा रही है.
सुबह 7:58 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक शुभ समय
पंडित विनोद शंकर पांडेय के अनुसार विश्वकर्मा पूजा सूर्य के कन्या राशि में प्रवेश करने पर मनायी जाती है. आमतौर पर यह तिथि 17 सितंबर के आसपास पड़ती है. उनके अनुसार पूजा के लिए शुभ समय सुबह 7:58 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा. अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक बताया गया है.
निर्माण के देवता माने जाते हैं भगवान विश्वकर्मा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और शिल्प का देवता माना जाता है. पंडित विनोद शंकर पांडेय ने बताया कि हिंदू धर्म में भगवान विश्वकर्मा का विशेष महत्व है. ब्रह्म पुराण में उनकी उत्पत्ति ब्रह्मा से होने का उल्लेख बताया जाता है.
वाहन और औजारों की भी होती है पूजा
विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर मशीनरी, औजार, वाहन और कामकाज से जुड़े उपकरणों की पूजा की जाती है. कारोबार और निर्माण से जुड़े लोग इस दिन भगवान विश्वकर्मा की आराधना कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.
हर युग में भगवान विश्वकर्मा की महत्ता
धार्मिक मान्यताओं में भगवान विश्वकर्मा को विभिन्न दिव्य निर्माणों से जोड़ा गया है. मान्यता है कि उन्होंने देवताओं के लिए कई महत्वपूर्ण अस्त्र, भवन और अन्य संरचनाओं का निर्माण किया. इसी वजह से शिल्प, निर्माण और तकनीकी कार्यों से जुड़े लोगों के लिए विश्वकर्मा पूजा का विशेष महत्व माना जाता है.
अधिक मास को लेकर भी बतायी धार्मिक मान्यता
पंडित विनोद शंकर पांडेय ने अधिक मास को लेकर भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इसे मलमास और पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अवधि में दान-पुण्य, भगवान की आराधना और धार्मिक अनुष्ठान करना फलदायक माना जाता है.
आस्था के साथ होगी पूजा-अर्चना
विश्वकर्मा पूजा को लेकर शहर में धार्मिक माहौल बनने लगा है. दुकानों और प्रतिष्ठानों में पूजा की तैयारियां की जा रही हैं. श्रद्धालु भगवान विश्वकर्मा की आराधना कर सुख-समृद्धि और कारोबार में उन्नति की कामना करेंगे.
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए