कैमूर : मोहनिया के एमपी कॉलेज में 6.17 करोड़ की वित्तीय अनियमितता का आरोप, पूर्व प्राचार्य समेत तीन पर FIR
एमपी कॉलेज मोहनिया | Prabhat Khabar Network
मोहनिया के महाराणा प्रताप कॉलेज में 6.17 करोड़ रुपये के गबन और वित्तीय अनियमितता के मामले में पूर्व प्राचार्य समेत तीन लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मोहनिया शहर स्थित महाराणा प्रताप महाविद्यालय में वित्तीय अनियमितता और सरकारी अनुदान के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है. कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. महातिम सिंह के आवेदन पर मोहनिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. मामले में पूर्व प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार, पूर्व शिक्षाविद सदस्य डॉ. ब्रजेंद्र नारायण सिंह और तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य शंभुनाथ सिंह को आरोपित किया गया है.
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विशेष ऑडिट में 6.17 करोड़ की अनियमितता का उल्लेख
कॉलेज की ओर से पुलिस को दिये गये आवेदन के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 की विशेष ऑडिट रिपोर्ट में आंतरिक स्रोत की 6,17,92,929 रुपये की राशि में वित्तीय अनियमितता, गबन और दस्तावेजों में हेरफेर का उल्लेख किया गया है. कॉलेज प्रबंधन ने ऑडिट रिपोर्ट और उससे संबंधित अनुलग्नक भी पुलिस को सौंपे हैं.
1.50 करोड़ के सरकारी अनुदान पर भी सवाल
कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2013-16 के लिए मिले 1.50 करोड़ रुपये के सरकारी अनुदान के वितरण में भी अनियमितता का आरोप लगाया गया है. आवेदन में सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग की बात कही गयी है. इन आरोपों की जांच अब पुलिस स्तर से की जा रही है.
बियरर चेक से नकद निकासी का आरोप
विशेष ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि कर्मचारियों के नाम पर बियरर चेक के माध्यम से नकद राशि निकाली गयी. इसके अलावा कथित तौर पर फर्जी कर्मचारियों को कार्यरत दिखाकर वेतन की निकासी करने का भी आरोप है.
मोबाइल और लैपटॉप खरीद में गड़बड़ी का आरोप
कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, विशेष ऑडिट में मोबाइल और लैपटॉप की खरीद के नाम पर राशि के कथित दुरुपयोग का मामला भी सामने आया है. इसके साथ ही जेनरेटर के लिए डीजल की खरीद दिखाकर उसे निजी वाहनों में इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया गया है.
शासी निकाय की बैठक में FIR का लिया गया फैसला
कॉलेज की शासी निकाय की 28 मई 2026 को हुई बैठक में विशेष ऑडिट रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की गयी. कॉलेज के अनुसार, इससे पहले संबंधित लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था. निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण नहीं मिलने के बाद शासी निकाय ने प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्णय लिया.
प्रभारी प्राचार्य को FIR दर्ज कराने की मिली जिम्मेदारी
बैठक में सर्वसम्मति से प्रभारी प्राचार्य डॉ. महातिम सिंह को प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अधिकृत किया गया. बैठक में शासी निकाय के अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह, सचिव प्रो. डॉ. अवध बिहारी सिंह, पदेन सदस्य अनुमंडलाधिकारी मोहनिया रत्ना प्रियदर्शनी, शिक्षाविद सदस्य डॉ. रामबचन सिंह, दानदाता सदस्य निष्ठा सिंह, प्रभारी प्राचार्य डॉ. महातिम सिंह और शिक्षक प्रतिनिधि डॉ. लक्ष्मण शरण सिंह मौजूद थे.
मोहनिया थाने में कांड संख्या 645/26 दर्ज
कॉलेज के आवेदन के आधार पर मोहनिया थाने में कांड संख्या 645/26 दर्ज किया गया है. पुलिस अभिलेख के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अब प्राथमिकी में लगाये गये आरोपों और ऑडिट रिपोर्ट से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगी.
थानाध्यक्ष ने तीन लोगों पर FIR की पुष्टि की
मोहनिया थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि प्रभारी प्राचार्य के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. इसमें पूर्व प्राचार्य समेत तीन लोगों को आरोपित किया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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