कैमूर : भभुआ में ऑनलाइन जमीन रजिस्ट्री पर डीएम का निर्देश, हेल्प डेस्क से तैयार होंगे कागजात, बढ़ेगी रजिस्ट्री की रफ्तार

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बैठक करते डीएम | Prabhat Khabar Network

भभुआ में जमीन रजिस्ट्री की धीमी रफ्तार को देखते हुए डीएम ने हेल्प काउंटर बनाने का निर्देश दिया है। जानें ऑनलाइन निबंधन से जुड़ी पूरी जानकारी यहाँ।

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निबंधन विभाग की ओर से ऑनलाइन निबंधन की सुविधा शुरू होने के बाद भभुआ में जमीन की रजिस्ट्री की रफ्तार धीमी हो गयी है. पिछले 15 दिनों में काफी प्रयास के बाद करीब 5 से 10 रजिस्ट्री ही हो सकी है. रजिस्ट्री की धीमी गति का प्रमुख कारण डीड राइटरों का ऑनलाइन निबंधन को लेकर विरोध बताया जा रहा है.

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ऑनलाइन निबंधन से किसी को नुकसान नहीं: डीएम

शनिवार को डीएम कुमार अनुराग ने निबंधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन निबंधन से किसी को कोई नुकसान नहीं है. यह व्यवस्था लोगों की सुविधा के लिए शुरू की गयी है और सभी के लिए फायदेमंद है. उन्होंने डीड राइटरों से भी ऑनलाइन निबंधन की प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की.

रजिस्ट्री ऑफिस में बनेगा हेल्प डेस्क

डीएम ने रजिस्ट्री ऑफिस में हेल्प काउंटर बनाने का निर्देश दिया है. यहां एक कर्मी की तैनाती की जाएगी, जो जमीन की रजिस्ट्री कराने पहुंचने वाले लोगों को कागजात तैयार करने में मदद करेगा. इससे लोगों को ऑनलाइन निबंधन की प्रक्रिया समझने में आसानी होगी और रजिस्ट्री की रफ्तार भी बढ़ने की उम्मीद है.

कागजात तैयार करने में लोगों की मदद करेंगे कर्मी

हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मियों की जिम्मेदारी रजिस्ट्री के लिए आने वाले लोगों के कागजात तैयार कराने में मदद करने की होगी. प्रशासन का मानना है कि इससे डीड राइटरों की अनुपलब्धता के कारण रजिस्ट्री कराने में आ रही परेशानी कम होगी. साथ ही ऑनलाइन निबंधन को लेकर लोगों में बना भ्रम भी दूर होगा.

डीड राइटरों के विरोध से धीमी हुई रजिस्ट्री

ऑनलाइन निबंधन शुरू होने के बाद डीड राइटरों में बेरोजगारी को लेकर आशंका बनी हुई है. इसी कारण उनके द्वारा निबंधन प्रक्रिया में अपेक्षित सहयोग नहीं करने की बात सामने आयी है. इसका सीधा असर जमीन की रजिस्ट्री की संख्या पर पड़ रहा है. प्रशासन अब लोगों को जागरूक कर इस भ्रम को दूर करने की कोशिश कर रहा है.

जिले में 83 डीड राइटरों को मिला है लाइसेंस

डीएम ने बताया कि जिले में जमीन के निबंधन कार्य के लिए 83 डीड राइटरों को लाइसेंस दिया गया है. ये डीड राइटर ऑनलाइन निबंधन के दौरान जमीन की खरीद-बिक्री करने वाले लोगों की मदद कर सकते हैं. उन्होंने लाइसेंसधारी डीड राइटरों से रजिस्ट्री प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की.

ऑनलाइन निबंधन को बताया सरल और पारदर्शी

डीएम ने कहा कि Online Land Registration लोगों के लिए सरल, सुविधाजनक और पारदर्शी व्यवस्था है. ऑनलाइन प्रक्रिया से जमीन के निबंधन में तेजी आने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में लोगों को इस व्यवस्था का फायदा स्पष्ट रूप से समझ में आएगा.

सब रजिस्ट्रार को जागरूकता और मदद का निर्देश

डीएम ने सब रजिस्ट्रार को निर्देश दिया कि ऑनलाइन निबंधन को लेकर लोगों को जागरूक किया जाए. रजिस्ट्री कराने आने वाले लोगों को कागजात तैयार करने में विभागीय कर्मियों की ओर से हर संभव मदद उपलब्ध करायी जाए. उद्देश्य यह है कि जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया में तेजी आये और लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो.

मिलकर रजिस्ट्री की रफ्तार बढ़ाने की अपील

डीएम ने कहा कि ऑनलाइन निबंधन को लेकर डीड राइटरों और जमीन की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों में जो भ्रम और असमंजस है, उसे दूर करने की जरूरत है. उन्होंने सभी से मिलकर काम करने और जमीन की रजिस्ट्री की रफ्तार बढ़ाने की अपील की. बैठक में सब रजिस्ट्रार समेत निबंधन विभाग के अन्य कर्मी मौजूद रहे.

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