जहानाबाद: सड़क हादसों में 'गोल्डन आवर' में मदद के बावजूद नहीं बन पा रहे 'राह-वीर', बीते वर्ष जिले में सिर्फ 2 मददगारों को मिला पुरस्कार

Updated:
विज्ञापन

सड़क हादसे में घायलों की मदद करने वाले 'राह-वीर' को सरकार देगी 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र। सोर्स- AI

Jehanabad News: परिवहन विभाग की 'राह-वीर योजना' सड़क हादसे के घायलों को 'गोल्डन आवर' में बचाने का लक्ष्य रखती है. जहानाबाद में लोग मदद कर रहे हैं, पर जागरूकता की कमी से 'राह-वीर' सम्मान से वंचित रह रहे हैं. जानिए पूरी कहानी.

विज्ञापन

Jehanabad News: सड़क दुर्घटनाओं (Road Accident) में समय पर इलाज न मिलने के कारण होने वाली मौतों को रोकने और घायलों को त्वरित चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने 'राह-वीर योजना' (Good Samaritan Scheme) शुरू की थी. इस योजना का मुख्य उद्देश्य हादसे के बाद के पहले एक घंटे यानी 'गोल्डन आवर' (Golden Hour) के भीतर गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाना है, जिससे उनकी जान बचाई जा सके. हालांकि, जहानाबाद जिले में लोग मानवीय आधार पर घायलों की मदद तो कर रहे हैं, लेकिन जागरूकता और औपचारिक प्रक्रिया की कमी के चलते उनकी पहचान आधिकारिक 'राह-वीर' के रूप में नहीं हो पा रही है.

आपके शहर में

विज्ञापन

बीते वर्ष जिले में केवल 2 मददगारों को मिला सम्मान

जिले में हर महीने दर्जनों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और कई नागरिक घायलों को अस्पताल भी पहुंचाते हैं, इसके बावजूद बीते वर्ष पूरे जिले में सिर्फ दो व्यक्तियों की ही पहचान राह-वीर के रूप में हो सकी. चयनित दोनों मददगारों को गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में जिला प्रशासन द्वारा विधिवत पुरस्कृत किया गया. चालू वित्तीय वर्ष में अब तक एक भी राह-वीर का प्रस्ताव समिति के समक्ष नहीं पहुंचा है.

25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और राष्ट्रीय स्तर पर 1 लाख का पुरस्कार

योजना के तहत गंभीर रूप से घायलों की मदद करने वालों को सरकार द्वारा आकर्षक प्रोत्साहन दिया जाता है:

  • नकद पुरस्कार: तत्परता से घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 'राह-वीर' की उपाधि, प्रशस्ति पत्र और ₹25,000 की नकद प्रोत्साहन राशि दी जाती है.
  • राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार: राज्य भर से चयनित सर्वश्रेष्ठ 10 राह-वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर ₹1-1 लाख के विशेष पुरस्कार से नवाजा जाता है.
  • अधिकतम सीमा: एक व्यक्ति को एक वर्ष में अधिकतम 5 बार इस पुरस्कार के लिए नामित किया जा सकता है.
  • पहचान की गोपनीयता: राह-वीर की व्यक्तिगत जानकारी केवल पुरस्कार वितरण के लिए उपयोग की जाती है और पुलिस या कानूनी प्रक्रिया में उन्हें परेशान नहीं किया जाता.


परिवहन विभाग की तस्वीर | Prabhat Khabar Network
परिवहन विभाग की तस्वीर | Prabhat Khabar Network

डीएम की अध्यक्षता वाली समिति करती है चयन

राह-वीर के चयन के लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय मूल्यांकन समिति गठित है, जिसमें एसएसपी/एसपी, मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (CS/CMHO) और जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) सदस्य होते हैं. यह समिति थानों और अस्पतालों से प्राप्त प्रस्तावों की मासिक समीक्षा कर पात्र मददगारों का चयन करती है.

जिला परिवहन पदाधिकारी ने क्या कहा?

'जिले में सड़क दुर्घटना में घायलों को समय पर मदद पहुंचाने वाले दो राह-वीरों को गणतंत्र दिवस पर पुरस्कृत किया जा चुका है. वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक किसी राह-वीर का नाम सामने नहीं आया है. आम लोगों से अपील है कि वे घायलों की मदद के लिए निडर होकर आगे आएं. अस्पताल और पुलिस से समन्वय कर ऐसे मददगार लोगों की पहचान की जाएगी और उन्हें नियमानुसार आगे भी 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि व प्रशस्ति-पत्र देकर पुरस्कृत किया जाएगा.'- वीरेंद्र कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), जहानाबाद

Also Read: जहानाबाद डीएम की अपील-घरों पर सोलर पैनल लगवाएं, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लें

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन