जहानाबाद सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में एक यूनिट भी खून नहीं, ऑपरेशन रुके; मरीजों को रक्त चढ़ाने पटना जाना पड़ा

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सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक का भवन ब्लड बैंक के नोटिस बोर्ड पर हर ग्रुप के ब्लड के नीचे लिखा जीरो | Prabhat Khabar Network

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जहानाबाद सदर अस्पताल का ब्लड बैंक पूरी तरह खाली हो गया है, जिससे गंभीर मरीजों के ऑपरेशन रोके जा रहे हैं. रक्त की कमी के कारण मरीजों को इलाज के लिए पटना भेजा जा रहा है. जनता की उदासीनता और रक्तदान में कमी इस संकट की मुख्य वजह बताई जा रही है.

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Jehanabad News: जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त संकट गंभीर स्तर पर पहुंच चुका है. जिले के इस एकमात्र सरकारी ब्लड बैंक में वर्तमान में एक भी यूनिट खून उपलब्ध नहीं है. मंगलवार तक स्टॉक में मौजूद अंतिम 'बी पॉजिटिव' यूनिट एक गंभीर मरीज को दी गई, जिसके एवज में प्राप्त 'एबी पॉजिटिव' यूनिट थैलेसीमिया पीड़ित को तत्काल चढ़ा दी गई. इसके बाद से ही ब्लड बैंक के सभी रैक पूरी तरह खाली पड़े हैं. सामान्य ग्रुप तो दूर, दुर्लभ श्रेणी में आने वाले नेगेटिव ग्रुप का भी एक भी यूनिट रक्त यहां मौजूद नहीं है.

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खून के अभाव में रुके ऑपरेशन, मरीज पटना रेफर

रक्त उपलब्धता पूरी तरह खत्म हो जाने से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं. अस्पताल में भर्ती ऐसे मरीज जिन्हें तत्काल सर्जरी की आवश्यकता थी, उनके ऑपरेशन टाल दिए गए हैं. गंभीर एनीमिया और दुर्घटनाग्रस्त मरीजों के परिजनों को केवल खून की एक यूनिट व्यवस्था करने के लिए जहानाबाद से पटना के अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक और जोखिम भरी साबित हो रही है.

रक्तदान से कतराते हैं लोग, रिप्लेसमेंट का पालन नहीं

ब्लड बैंक प्रबंधन के अनुसार, संकट की सबसे बड़ी वजह रक्तदान के प्रति आम जनता की उदासीनता है. नियमानुसार ब्लड बैंक से रक्त प्राप्त करने वाले परिजनों को उतनी ही यूनिट रक्तदान (रिप्लेसमेंट) करना आवश्यक होता है, लेकिन अधिकांश लोग रक्त प्राप्त करने के बाद दान करने से बचते हैं और सिफारिशों का सहारा लेते हैं. इसके अतिरिक्त, थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को निरंतर रक्त की जरूरत होती है और उन्हें नियमानुसार बिना रिप्लेसमेंट के भी रक्त उपलब्ध कराया जाता है, जिससे संग्रह बहुत तेजी से समाप्त हो जाता है.

सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक का भवन  ब्लड बैंक के नोटिस बोर्ड पर हर ग्रुप के ब्लड के नीचे लिखा जीरो | Prabhat Khabar Network
सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक का भवन ब्लड बैंक के नोटिस बोर्ड पर हर ग्रुप के ब्लड के नीचे लिखा जीरो | Prabhat Khabar Network

जागरूकता की कमी से शिविर भी हो रहे बेअसर

जिले में समय-समय पर लगने वाले स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों में भी लोगों की भागीदारी बेहद कम रह रही है. गत 1 अगस्त को आयोजित शिविर में भी बेहद कम लोग आगे आए, जिनमें से चिकित्सीय कारणों से किसी से भी रक्तदान नहीं कराया जा सका. युवाओं, कॉलेज विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों के बीच रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को मिटाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है.

अधिकारी ने जताई चिंता, नए शिविर की तैयारी

सदर अस्पताल ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. अमर कुमार ने स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि आम नागरिक रक्त प्राप्त करना तो चाहते हैं, लेकिन खुद रक्तदान करने के लिए आगे नहीं आते. उन्होंने कहा कि वर्तमान में कुछ नियमित रक्तदाताओं और गैर-सरकारी संस्थाओं के सहयोग से ही व्यवस्था चल रही थी, लेकिन पिछले शिविर में एक भी यूनिट रक्त का संग्रह नहीं हो सका. स्थिति में सुधार लाने के लिए जल्द ही जिले में नए सिरे से रक्तदान शिविर आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है.

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