छपरा घटना के विरोध में अरवल के बीडीओ ने बांधी काली पट्टी, सुरक्षा और बेहतर इलाज की उठाई मांग

Author Nishikant kumr|Edited by Rajeev Kumar
Updated:
विज्ञापन
काली पट्टी बांधकर कार्य करते अरवल और कलेर बीडीओ  | Prabhat Khabar Network

काली पट्टी बांधकर कार्य करते अरवल और कलेर बीडीओ | Prabhat Khabar Network

छपरा में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव से दो प्रखंड विकास पदाधिकारी घायल हो गए. इसके विरोध में अरवल जिले के सभी बीडीओ ने काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया. उन्होंने सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और बीमा व क्षतिपूर्ति नीति की मांग की है.

विज्ञापन

Arwal News : छपरा में छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पथराव में दो प्रखंड विकास पदाधिकारियों के घायल होने के विरोध में सोमवार को बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ के आह्वान पर अरवल जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराया. अधिकारियों ने नियमित सरकारी कार्य करते हुए सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने और घायल अधिकारियों के समुचित इलाज की मांग की.

घायल अधिकारियों के लिए सरकार से हस्तक्षेप की मांग

संघ ने कहा कि पथराव की घटना में बीडीओ रितेश कुमार सिंह के सिर में गंभीर चोट लगी है और उनकी खोपड़ी में फ्रैक्चर हुआ है. वहीं बीडीओ दृष्टि पाठक भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं. संघ ने मांग की कि राज्य सरकार घायल अधिकारियों के उपचार और आवश्यक सहयोग की तत्काल घोषणा करे तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस निर्णय ले.

सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग

संघ ने प्रत्येक प्रखंड कार्यालय में बॉडी प्रोटेक्टर, हेलमेट, शील्ड, लेग गार्ड, आर्म गार्ड सहित सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की. उनका कहना है कि आकस्मिक और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में इन उपकरणों का उपयोग अधिकारियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है.

दो प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी तैनात करने की मांग

संघ ने प्रत्येक प्रखंड विकास पदाधिकारी के साथ स्थायी रूप से कम-से-कम दो प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की भी मांग की. इन सुरक्षाकर्मियों को क्षेत्र भ्रमण, जनसुनवाई, कार्यालय कार्य और अन्य सरकारी दायित्वों के दौरान अधिकारियों के साथ रहने की व्यवस्था करने की मांग की गई.

बीमा और क्षतिपूर्ति नीति बनाने की मांग

संघ ने मांग की कि सरकारी दायित्वों के निर्वहन के दौरान यदि कोई प्रखंड विकास पदाधिकारी गंभीर रूप से घायल होता है तो उसका सर्वोत्तम उपचार राज्य सरकार के खर्च पर कराया जाए. साथ ही ड्यूटी के दौरान घायल होने या मृत्यु की स्थिति में विशेष क्षतिपूर्ति, पर्याप्त बीमा सुरक्षा और आश्रितों के लिए सहायता की स्पष्ट नीति बनाई जाए. इन मांगों के समर्थन में जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया.


विज्ञापन
Nishikant Kumr

लेखक के बारे में

By Nishikant Kumr

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन