किसानों से जमुई को औषधीय जिला बनाने का आग्रह

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जादवपुर विश्वविद्यालय कोलकाता, राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड, आयुष मंत्रालय की ओर से औषधीय पौधों की नर्सरी, खेती आदि विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को शहर एक होटल में किया गया.

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लक्ष्मीपुर . जादवपुर विश्वविद्यालय कोलकाता, राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड, आयुष मंत्रालय की ओर से औषधीय पौधों की नर्सरी, खेती आदि विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को शहर एक होटल में किया गया. कार्यक्रम में वन प्रमंडल जमुई और नेचर विलेज मटिया भी सहयोग रहा. नेचर विलेज के संस्थापक अभय प्रताप सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में 100 से अधिक सम्मानित और प्रबुद्ध किसान को आमंत्रित किया गया था. सभी से किसानों से आग्रह किया गया कि जमुई को औषधीय ज़िला बनाया जाये. फ़िलहाल जिला में चिया की औषधीय खेती 55 एकड़ में लगाया गया है. अब परंपरागत खेती से निकलने का समय आ गया है. इस प्रयास में टेक्निकल सपोर्ट, बीज और खरीद की व्यवस्था की जायेगी. मौके पर वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, संस्थान के निदेशक डॉ सौम्यजीत विश्वास, नेचर विलेज के फाउंडर निर्भय प्रताप सिंह, कार्बो किसान के आशीष सोमानी, कपार्ट के सदस्य बसंत कुमार सिंह, स्वामी निरंजनानंद योगाश्रम के आचार्य स्वामी आत्म स्वरूप जी, राष्टपति सम्मान से सम्मानित किसान डॉ अर्जुन मंडल के साथ-साथ जिलों से 112 किसान, परम्परा गत वैद्य और जंगली उत्पाद को पहचानने वाले लोगों ने भाग लिया. उन्होंने बताया कि

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