80 मोबाइल, 125 वारदातें और 14 लाख की ठगी! जमुई पुलिस ने फर्जी सिम बांटने वाले नेटवर्क के दो गुर्गों को दबोचा

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फोटो- प्रेस को संबोधित करते एसडीपीओ | Prabhat Khabar Network

जमुई पुलिस ने साइबर अपराध पर लगाम कसते हुए एक बड़े फर्जी सिम वितरण नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से 80 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं. इन सिम का इस्तेमाल 125 साइबर ठगी की घटनाओं में हुआ, जिसमें करीब 14 लाख रुपये की ठगी का अनुमान है.

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Jamui Cyber Crime: जमुई. साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान में जमुई साइबर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. चकाई थाना क्षेत्र के सरौन स्थित एक सीएससी सेंटर पर छापेमारी कर पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राज कपूर यादव और अरविंद कुमार के रूप में हुई है. दोनों सरौन स्थित सीएससी सेंटर का संचालन करते थे.

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तकनीकी जांच के आधार पर हुई कार्रवाई

साइबर डीएसपी अभिषेक कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में तकनीकी अनुसंधान के दौरान मिली जानकारी के आधार पर सरौन स्थित सीएससी सेंटर पर छापेमारी की गई. कार्रवाई के दौरान दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. पूछताछ में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया.

हर माह 25 से 30 सिम एक्टिवेट करने का आरोप

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी पीओएस मशीन के माध्यम से दूसरे लोगों के नाम पर सिम एक्टिवेट कर उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाते थे. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हर माह करीब 25 से 30 सिम एक्टिवेट किए जाते थे. पुलिस को आशंका है कि इन सिम का इस्तेमाल जमुई, चकाई और देवघर से सटे इलाकों में साइबर ठगी के लिए किया गया हो सकता है.

फोटो और आधार स्कैन से होती थी प्रक्रिया

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सिम एक्टिवेशन के समय संबंधित व्यक्ति का फोटो लिया जाता था और आधार कार्ड स्कैन कर प्रक्रिया पूरी की जाती थी. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं एक ही व्यक्ति के नाम पर कई सिम एक्टिवेट कर उन्हें साइबर अपराधियों तक तो नहीं पहुंचाए गए. इसके अलावा सिम के वास्तविक धारकों और उनका इस्तेमाल करने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है.

80 मोबाइल में मिले ऐसे सिम, 125 ठगी की घटनाओं से जुड़े तार

प्रारंभिक जांच में करीब 80 मोबाइल फोन में ऐसे सिम के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है. वहीं करीब 125 साइबर ठगी की घटनाओं से भी इनके तार जुड़े होने की बात सामने आई है. इन मामलों में करीब 13 से 14 लाख रुपये की ठगी की आशंका जताई गई है. हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है. जांच पूरी होने के बाद ही साइबर ठगी की वास्तविक राशि और घटनाओं की संख्या स्पष्ट हो सकेगी.

नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश

Jamui Cyber Crime: साइबर थाना पुलिस गिरफ्तार दोनों युवकों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है. साइबर डीएसपी अभिषेक कुमार ने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति साइबर अपराध के इस नेटवर्क में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है. पुलिस की कार्रवाई से दूसरे लोगों के नाम पर सिम उपलब्ध कराकर साइबर अपराध को बढ़ावा देने वाले नेटवर्क पर शिकंजा कसने की उम्मीद है.


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