प्रकृति को संरक्षित करने में आदिवासी समाज की अहम भूमिका

Updated:
विज्ञापन

धूमधाम से मनाया सोहराय मिलन समारोह

विज्ञापन

सरौन. चकाई प्रखंड अंतर्गत बामदह पंचायत के जोगियातरी गांव में धूमधाम से सोहराय मिलन समारोह का आयोजन किया गया. इसमें मुख्य अतिथि के रूप में चंदन सिंह फाउंडेशन प्रमुख चंदन सिंह ने भाग लिया. अतिथियों का स्वागत पारंपरिक तरीके से किया गया. सोहराय मिलन समारोह में आदिवासी समाज के नर्तक दल ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. इस दौरान चंदन सिंह ने भी पर्व का खूब आनंद लिया. उन्होंने ढोलक बजा आदिवासी नृत्य किया.मौके पर उन्होंने सभी लोगों को सोहराय पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रखंड में आदिवासी समाज भले ही अलग-अलग तरीके से पूजा करते हों, लेकिन यह समाज प्रकृति से जुड़कर उसकी पूजा करता है, जो सबसे अलग है. समाज को इससे सीखना चाहिए कि प्रकृति को कैसे संरक्षित किया जाए. कहा कि आज प्रकृति को संरक्षित करने में आदिवासी समाज की अहम भूमिका है. उन्होंने लोगों से इस पर्व के उद्देश्य को समझने और प्रकृति को बचाने तथा भाई-बहन के बीच प्रेम को समझने की अपील की. कहा सोहराय त्योहार, खुशी, कृतज्ञता व प्रकृति और पशु जगत के साथ गहरे संबंध का प्रतीक है. सोहराय त्योहार परिवार और प्रकृति से जुड़ा है. सोहराय त्योहार भाईचारा और एकता का संदेश देता है. सोहराय त्योहार पशुधन और मानव के बीच गहरा प्रेम स्थापित करता है. सोहराय त्योहार, लोक संस्कृति और परंपरा की पहचान है.

मौके पर थे मौजूद

मौके पर पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि रवि पासवान, मुन्ना जहांगीर, राजू राम, अनिल सिंह, अशीष शर्मा, सुनिल हांसदा, अजय हांसदा, रंजीत मरांडी, संजय हांसदा, किशोर यादव, रमेश रावत, सहित अन्य मौजूद थे.

आपके शहर में

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन