NH 333 पर सोनो से बटिया घाटी तक जानलेवा गड्ढे, बारिश में बढ़ा हादसे का खतरा
बटिया घाटी में चीरेन पुल के समीप बना गड्ढा
जमुई-चकाई मुख्य मार्ग NH 333 पर बड़े-बड़े गड्ढों ने वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. खासकर बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से हादसे का खतरा कई गुना बढ़ गया है. स्थानीय लोग तत्काल मरम्मत की मांग कर रहे हैं.
जमुई-चकाई मुख्य मार्ग NH 333 पर इन दिनों जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी और हादसे का खतरा बन गये हैं. सोनो से लेकर काली पहाड़ी और बटिया घाटी तक कई स्थानों पर सड़क की हालत खराब है. बरसात के कारण इन गड्ढों में पानी भर जाने से खतरा और बढ़ गया है. पानी के अंदर गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण वाहन चालकों को काफी सावधानी से गुजरना पड़ रहा है.
NH 333 जमुई जिले को झारखंड से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है. इस सड़क से प्रतिदिन यात्री बसों, ट्रकों, मालवाहक वाहनों, निजी वाहनों और दोपहिया वाहनों की आवाजाही होती है. ऐसे में सड़क पर बने गड्ढे लोगों के लिए लगातार परेशानी का कारण बने हुए हैं.
बारिश में पानी भरने से नहीं दिखते गड्ढे
बरसात के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है. लगातार बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे पहली बार इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता.
तेज गति से आने वाले वाहन पानी भरे गड्ढों में चले जाने पर अनियंत्रित हो सकते हैं. इससे टायर, सस्पेंशन समेत वाहन के अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है. दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति और भी जोखिमपूर्ण है. अचानक गड्ढे में पहिया पड़ने से वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है.
काली पहाड़ी और बटिया घाटी में रात में बढ़ जाता है खतरा
काली पहाड़ी और बटिया घाटी में सड़क की खराब स्थिति के साथ घुमाव और ढलान भी हैं. रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने पर पानी से भरे गड्ढे दिखाई देना और मुश्किल हो जाता है.
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं करायी गयी तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता.

सोनो चौक से काली पहाड़ी तक सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे
सोनो चौक पर सड़क का काफी लंबा हिस्सा गड्ढों में तब्दील हो गया है. वहीं काली पहाड़ी चौक के पास सड़क के बीचोंबीच कई बड़े गड्ढे बन गये हैं. यहां कम ग्राउंड क्लियरेंस वाले चार पहिया वाहनों को काफी सावधानी और जोखिम के साथ निकलना पड़ रहा है.
गड्ढों से बचने के लिए वाहन चालकों को कई बार अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है या वाहन को दूसरी दिशा में मोड़ना पड़ता है. इससे सामने और पीछे से आ रहे वाहनों के बीच टक्कर की आशंका बनी रहती है.

बटिया घाटी में चिरेन पुल के पास भी खतरनाक स्थिति
बटिया घाटी में चिरेन पुल के समीप सड़क पर बने बड़े गड्ढे भी वाहन चालकों के लिए मुसीबत बने हुए हैं. यह इलाका पहले से ही घुमावदार और ढलान वाला है. ऐसे में सड़क पर गड्ढे होने से दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है.
बीते सोमवार को इसी इलाके में सड़क के गड्ढों से बचने के प्रयास के दौरान हुई दुर्घटना में पिता-पुत्री की मौत हो गयी थी. इस घटना के बाद भी सड़क की स्थिति वाहन चालकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है.

स्थानीय लोगों ने तत्काल मरम्मत की मांग की
स्थानीय वाहन चालकों और ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से NH 333 के खराब हिस्सों का तत्काल निरीक्षण कराने और सड़क पर बने गड्ढों को भरने की मांग की है. लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में सड़क की नियमित निगरानी और क्षतिग्रस्त हिस्सों की समय पर मरम्मत जरूरी है.
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित सड़क प्राधिकरण से गड्ढों की तत्काल मरम्मत के साथ क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन सुरक्षित हो सके और संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके.
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