23.36 करोड़ की अमृत भारत योजना तीन साल बाद भी अधूरी, यात्रियों को नहीं मिली आधुनिक सुविधाएं

फोटो- निर्माणाधीन स्टेशन भवन . | Prabhat Khabar Network
जमुई रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत योजना के तहत विकास कार्य तीन साल बाद भी अधूरे हैं, जबकि इसे 18 महीने में पूरा होना था. करोड़ों की लागत वाली इस परियोजना की धीमी गति यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है. नया स्टेशन भवन और फुट ओवरब्रिज जैसे प्रमुख कार्य अभी भी जारी हैं.
Jamui Railway Station: बरहट (जमुई). अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चयनित जमुई रेलवे स्टेशन का कायाकल्प अब तक अधूरा है. अगस्त 2023 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी परियोजना को करीब 18 महीने में पूरा होना था, लेकिन लगभग तीन साल बाद भी कई प्रमुख कार्य पूरे नहीं हो सके हैं. करोड़ों रुपये की लागत वाली इस परियोजना की धीमी रफ्तार अब यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है.
घोषणा के समय किए गए थे बड़े वादे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त 2023 में ऑनलाइन माध्यम से देशभर के चयनित रेलवे स्टेशनों के साथ जमुई स्टेशन के विकास कार्यों का शुभारंभ किया था. उस समय स्टेशन को सजाया गया था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ था. रेलवे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने दावा किया था कि स्टेशन पर नया भवन, 12 मीटर चौड़ा फुट ओवरब्रिज, दोनों प्लेटफॉर्म पर लिफ्ट, आधुनिक प्रतीक्षालय, कैफेटेरिया, रिसेप्शन काउंटर, विस्तृत पार्किंग और दिव्यांग अनुकूल सुविधायें विकसित की जायेंगी.
तीन साल बाद भी अधूरे हैं अधिकांश कार्य
वर्तमान स्थिति में पार्किंग विस्तार और बाउंड्री वॉल जैसे कुछ कार्यों को छोड़ अधिकांश योजनाएं अधूरी हैं. नया स्टेशन भवन अभी भी निर्माणाधीन है. फुट ओवरब्रिज, दोनों प्लेटफॉर्म पर लिफ्ट, दिव्यांग यात्रियों की विशेष सुविधाएं, आधुनिक रिसेप्शन काउंटर और अन्य महत्वपूर्ण कार्य अब तक पूरे नहीं हो सके हैं.
यात्रियों को हो रही है परेशानी
स्टेशन पर आज भी प्रथम श्रेणी के यात्रियों के लिए समुचित प्रतीक्षालय उपलब्ध नहीं है. उन्हें सामान्य यात्रियों के साथ ही समय बिताना पड़ता है. सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों को होती है, जिन्हें एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है.
सांसद ने भी जताई थी नाराजगी
निर्माण कार्य की धीमी गति को लेकर स्थानीय सांसद अरुण भारती ने भी नाराजगी जताते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से शिकायत करने की बात कही थी. इसके बावजूद निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं आ सकी. स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की परियोजना के बावजूद काम की रफ्तार बेहद धीमी है.
निर्माण एजेंसी पर उठ रहे सवाल
रेलवे सूत्रों के अनुसार दानापुर मंडल के अंतर्गत चयनित अमृत भारत स्टेशनों के निर्माण का जिम्मा महावीरा एवं आई ए बी आई एन प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था. कंपनी ने तीन-तीन स्टेशनों के समूह बनाकर कार्य पेटी कॉन्ट्रैक्ट के रूप में दूसरी एजेंसी को सौंपा. जमुई स्टेशन का निर्माण कार्य मंगलम प्लानर्स एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा कराया जा रहा है. जानकारों का कहना है कि लगभग 18 महीने में पूरा होने वाला कार्य तीन साल बाद भी अधूरा है, जिससे निर्माण एजेंसी और निगरानी व्यवस्था दोनों पर सवाल उठ रहे हैं.
क्या बोले आईओडब्ल्यू
Jamui Railway Station: झाझा के आईओडब्ल्यू संजय कुमार ने कहा कि परियोजना से संबंधित विस्तृत जानकारी दानापुर मंडल के जनसंपर्क विभाग (पीआरओ) से प्राप्त की जा सकती है. उन्होंने कहा कि उनकी जिम्मेदारी केवल निर्माण कार्य का निष्पादन कराना है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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