परिजन की गोद में बैठ चिकित्सक के पास पहुंचते हैं दिव्यांग मरीज

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सदर अस्पताल. तीन साल पहले शुरू हुई लिफ्ट लगाने की कवायद अधूरी जमुई : सदर अस्पताल जमुई में विकलांग मरीजों की सुविधा के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी शशिकांत तिवारी द्वारा बीते तीन वर्ष पहले शुरू की गयी लिफ्ट लगाने की कवायद पूरी तरह से ठंडे बस्ते में है. जिस वजह से सदर अस्पताल पहुंच रहे विकलांग […]

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सदर अस्पताल. तीन साल पहले शुरू हुई लिफ्ट लगाने की कवायद अधूरी

जमुई : सदर अस्पताल जमुई में विकलांग मरीजों की सुविधा के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी शशिकांत तिवारी द्वारा बीते तीन वर्ष पहले शुरू की गयी लिफ्ट लगाने की कवायद पूरी तरह से ठंडे बस्ते में है. जिस वजह से सदर अस्पताल पहुंच रहे विकलांग मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बताते चलें कि ढाई साल पहले जिले के तत्कालीन जिलाधिकारी शशिकांत तिवारी ने सदर अस्पताल जमुई में आनेवाले विकलांग मरीजों की सुविधा के लिए लिफ्ट लगाने की कवायद शुरू की थी, ताकि अस्पताल पहुंच रहे विकलांग मरीजों को अस्पताल के दूसरी और तीसरी मंजिल पर जाने में सुविधा हो सके.
इसको लेकर अस्पताल भवन में ढांचागत निर्माण भी शुरू कर दिया गया था. जिसका उदाहरण अस्पताल के एक हिस्से में लिफ्ट लगाने को लेकर बनाया गया कंपार्टमेंट है, जिसे देखकर यह स्पष्ट प्रतीत होता है कि लिफ्ट लगाने का काम शुरू हुआ था. परंतु डीएम का स्थानांतरण होते ही सदर अस्पताल में लिफ्ट लगाये जाने की योजना ठप हो गयी.
सूत्रों की माने तो लिफ्ट लगाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग को कुछ राशि का भुगतान भी किया गया था. हालांकि स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी बताते हैं कि सदर अस्पताल में लिफ्ट लगाने का काम शुरू जरूर किया गया था, परंतु इसके लिए किसी राशि का भुगतान नहीं किया गया था. इस बाबत पूछे जाने पर अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ सुरेंद्र प्रसाद सिंह बताते हैं कि लिफ्ट लगाने की बात पूर्व में कही गयी थी और उसका काम भी शुरू किया गया था. लेकिन वर्तमान में ठंडे बस्ते में है. जिसे लेकर विभाग को लिखा गया है.
दूसरे व तीसरे तल्ले पर सीढ़ी से ही चढ़ जाते हैं गंभीर मरीज
बताते चलें कि सदर अस्पताल में लिफ्ट लगाये जाने के बाद अस्पताल आने वाले विकलांग मरीजों को अस्पताल भवन के दूसरे और तीसरे तल्ले पर जाने में काफी सुविधा होगी. हालांकि अस्पताल में बने रैंप के जरिये स्ट्रेचर के माध्यम से मरीजों को दूसरे और तीसरे मंजिल पर पहुंचाया जरूर जाता है. लेकिन विकलांग मरीज जो अस्पताल में भर्ती होते हैं उन्हें सीढ़ी या किसी अन्य माध्यम से ही नीचे आना पड़ता है. अस्पताल परिसर में लिफ्ट लगाये जाने के बाद ऐसे मरीजों को सुविधा मिल सकेगी. साथ ही गंभीर रूप से बीमार भर्ती मरीजों को भी विशेष सुविधा होगी.
कहते हैं जिलाधिकारी
जिलाधिकारी डाॅ कौशल किशोर बताते हैं कि उनका प्राथमिकता अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराना है. उन्होंने बताया कि रोगियों को चिकित्सक, नर्स और दवा बेहतर अवस्था में मिले यह ज्यादा जरूरी है. उन्होंने कहा कि आनेवाले समय में सदर अस्पताल में इसकी व्यवस्था करवायी जायेगी.
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