बिहार में अब कोरोना के मरीजों की होगी टीबी के लक्षणों की जांच, दोनों बीमारियों में मिले बहुत-से समान लक्षण

Updated:
विज्ञापन

कोरोना से संक्रमित सभी मरीजों की टीबी की भी जांच करायी जायेगी. दोनों बीमारियों में बहुत-से समान लक्षण पाये जाते हैं. ऐसे में यह बीमारी एक दूसरे को अधिक प्रभावित कर सकती है. कोरोना और टीबी की बीमारी का संबंध फेफड़े के संक्रमण से है.

विज्ञापन

पटना. कोरोना से संक्रमित सभी मरीजों की टीबी की भी जांच करायी जायेगी. दोनों बीमारियों में बहुत-से समान लक्षण पाये जाते हैं. ऐसे में यह बीमारी एक दूसरे को अधिक प्रभावित कर सकती है. कोरोना और टीबी की बीमारी का संबंध फेफड़े के संक्रमण से है.

आपके शहर में

विज्ञापन

दोनों बीमारियों में समान लक्षण पाये जाते हैं. कफ, बुखार और सांस लेने में तकलीफ पायी जाती है. ऐसे में यह आवश्यक है कि कोरोना के साथ टीबी की जांच भी करायी जाये. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि राज्य की ओर से कोरोना मरीजों की टीबी जांच भी करायी जाये.

कोरोना महामारी के दौरान टीबी के मरीजों का सर्च अभियान भी जारी रहना चाहिए. हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कोरोना महामारी के दौरान टीबी के मरीजों की मौत की संख्या बढ़ा है या नहीं.

हाल ही में स्वास्थ्य ‌विभाग की ओर आइजीआइएमएस और एम्स सहित पीएमसीएच और राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पताल के प्राचार्य व सिविल सर्जन को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिये हैं.

कोरोना की दूसरी लहर कम होने पर राज्य में राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत टीबी केस नोटिफिकेशन को बढ़ाने की पहल की गयी है. इसके लिए जिलों के विभिन्न अस्पतालों को कुल 170 ट्रूनेट मशीन कोरोना टेस्ट के लिए उपलब्ध कराये गये थे. अब इन मशीनों का उपयोग कोरोना जांच के साथ ही टीबी और रेजिस्टेंट टीबी की भी जांच में करने का निर्देश दिया गया है.

Posted by Ashish Jha

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन