हाजीपुर में रसोई गैस की किल्लत से बढ़ी उपभोक्ता की परेशानी, 45 दिन बाद बुकिंग तो 50-60 दिन में मिल रहा सिलेंडर; लोगों ने सांसद-विधायक से सदन में आवाज उठाने की मांग

विज्ञापन

हाजीपुर में रसोई गैस की किल्लत

वैशाली के ग्रामीण इलाकों में रसोई गैस की आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है. उपभोक्ताओं को 45 दिन बाद गैस की बुकिंग और 50-60 दिन बाद सिलेंडर मिल पा रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है.

विज्ञापन

LPG Cylinder Shortage : वैशाली. ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस की आपूर्ति व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है. उपभोक्ताओं का कहना है कि सिलेंडर खत्म होने के बाद नया सिलेंडर लेने के लिए उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है. ग्रामीण इलाकों में करीब 45 दिनों बाद गैस की बुकिंग हो रही है, जबकि सिलेंडर की आपूर्ति में 50 से 60 दिन तक लग जा रहे हैं. इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के साथ गृहिणियों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही है.

आपके शहर में

विज्ञापन

समय पर सिलेंडर नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी

ग्रामीण उपभोक्ताओं के अनुसार एक सिलेंडर खत्म होने के बाद दूसरा सिलेंडर समय पर नहीं मिलने से कई दिनों तक खाना बनाने के लिए वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल करना पड़ता है. जिन परिवारों के पास अतिरिक्त सिलेंडर नहीं है, उनकी मुश्किल और बढ़ जाती है. महिलाओं का कहना है कि गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण उन्हें मजबूरी में लकड़ी और अन्य जलावन का सहारा लेना पड़ रहा है. बरसात के मौसम में जलावन भीग जाने से परेशानी और बढ़ जाती है. वहीं उमस भरी गर्मी में दोपहर के समय अचानक किसी अतिथि के आने पर गैस खत्म रहने की स्थिति में लकड़ी पर खाना बनाना पड़ता है.

उपभोक्ताओं ने 25 दिनों में आपूर्ति की मांग की

ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस की कीमत और बुकिंग व्यवस्था के बावजूद यदि समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जायेगा तो इसका सीधा नुकसान ग्रामीण परिवारों को उठाना पड़ेगा. उपभोक्ताओं ने मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी 25 दिनों के बाद गैस की बुकिंग की सुविधा हो और निर्धारित समय सीमा के भीतर सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाये.

गैस एजेंसी संचालक ने बतायी वजह

गैस एजेंसी संचालक मुन्ना सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों के बाद गैस का नंबर लगने से उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है. अधिक मांग, आपूर्ति और परिवहन व्यवस्था के कारण कभी-कभी वितरण में देरी होती है. उनका कहना है कि इन कारणों से ग्रामीण इलाकों में सिलेंडर पहुंचने में अपेक्षाकृत अधिक समय लग रहा है.

जनप्रतिनिधियों से मुद्दा उठाने की मांग

लूना वर्मा ने कहा कि यह समस्या किसी एक गांव या एक गैस एजेंसी तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई उपभोक्ताओं को इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में स्थानीय स्तर पर शिकायत के साथ जनप्रतिनिधियों को भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाने की जरूरत है. संगीता कुमारी ने सांसद और विधायक से मांग की कि वे संसद और विधानसभा में ग्रामीण क्षेत्रों में गैस आपूर्ति में हो रही देरी का मुद्दा प्रमुखता से उठायें और संबंधित मंत्रालय व विभाग से नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग करें.

प्रखंड प्रमुख ने स्थायी समाधान की मांग की

प्रखंड प्रमुख ने कहा कि रसोई गैस आज हर परिवार की मूलभूत जरूरत बन चुकी है. ऐसे में 45 दिन बाद बुकिंग और 50 से 60 दिन बाद सिलेंडर की आपूर्ति होना गंभीर समस्या है. इसका स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है, ताकि ग्रामीण परिवारों को समय पर रसोई गैस उपलब्ध हो सके.

जिला पार्षद ने भी उठायी आवाज

जिला पार्षद बबिता नारायण ने कहा कि जिस तरह शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को 25 दिनों के बाद गैस उपलब्ध कराने की व्यवस्था है, उसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में भी समय पर सिलेंडर मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि ग्रामीण उपभोक्ताओं को लंबे इंतजार से राहत देने के लिए आपूर्ति व्यवस्था में सुधार जरूरी है.


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन