वैशाली: देसरी में खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा, खड़गपुर व जहांगीरपुर शाम में घुसा बाढ़ का पानी; सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद

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फोटो देसरी के जहांगीरपुर शाम में गंगा नदी का पानी आने के बाद डूबा हुआ विद्यालय और मंदिर | Prabhat Khabar Network

गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से देसरी के खड़गपुर और जहांगीरपुर में बाढ़ की स्थिति गंभीर है. सैकड़ों घर डूबे, फसलें बर्बाद और लोग बांध पर शरण लेने को मजबूर हैं.

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Hajipur News: जिले के देसरी प्रखंड अंतर्गत तटीय इलाकों में गंगा नदी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर ने भारी तबाही मचा रखी है. पिछले एक सप्ताह से जारी जलस्तर में वृद्धि के कारण खड़गपुर एवं जहांगीरपुर शाम पंचायतों में बाढ़ की स्थिति अत्यंत भयावह हो गई है. शनिवार की शाम तक गंगा नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है, जिससे दर्जनों गांवों के सैकड़ों घरों में बाढ़ का पानी तेजी से प्रवेश कर गया है.

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पानी के अचानक फैलाव के कारण सैकड़ों परिवार बेघर होकर ऊंचे बांधों और सड़कों पर शरण लेने को विवश हैं. प्रभावित परिवारों के समक्ष भोजन, स्वच्छ पेयजल, रोशनी और सुरक्षित आवासन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है.

जहांगीरपुर शाम में स्कूल और मंदिर जलमग्न, बांध पर शरणार्थी बने लोग

गंगा के उफान के चलते जहांगीरपुर शाम स्थित प्राथमिक/मध्य विद्यालय और स्थानीय मंदिर पूरी तरह से बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं. विद्यालय परिसर में कई फीट पानी भर जाने से पठन-पाठन पूरी तरह ठप हो गया है.

बाढ़ से घिरे ग्रामीण अपने जरूरी घरेलू सामान, मवेशियों और बच्चों को लेकर निजी नावों के सहारे किसी तरह सुरक्षित बांधों तक पहुंच रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक सरकारी नावों का परिचालन शुरू नहीं किया गया है, जिससे आवागमन में जान-माल का भारी जोखिम बना हुआ है.

सैकड़ों एकड़ में लगी मक्का, परवल और मिर्च की फसलें डूबीं

बाढ़ का सबसे घातक प्रभाव किसानों और खेतिहर मजदूरों पर पड़ा है. जहांगीरपुर शाम एवं खड़गपुर के निचले चंवर क्षेत्रों में बाढ़ का पानी फैलने से सैकड़ों एकड़ में लहलहाती मक्का, परवल और हरी मिर्च की फसलें पूरी तरह डूबकर नष्ट हो गई हैं. फसलों के बर्बाद होने से किसानों को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति पहुंची है. किसान अपनी डूबी हुई मक्के की फसल को जान जोखिम में डालकर नावों के जरिए काटकर ला रहे हैं और उसे मवेशियों के चारे के रूप में उपयोग कर रहे हैं.

जनप्रतिनिधियों ने की तत्काल राहत एवं सरकारी नाव चलाने की मांग

बाढ़ के विकराल होते हालात को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से अविलंब राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की मांग की है. जिला पार्षद मोहित पासवान, प्रखंड प्रमुख आनंद कुमार, उप प्रमुख अजीत कुमार राय, समाजसेवी रंजन ठाकुर, लोजपा (रामविलास) के नेता रवींद्र राय, पूर्व मुखिया अवधेश सिंह तथा व्यापार मंडल अध्यक्ष शिवनाथ प्रसाद यादव ने प्रशासन से मांग की है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में सरकारी नावों की तुरंत तैनाती की जाए. बांध पर शरण लिए परिवारों के लिए कम्युनिटी किचन (सामुदायिक रसोई), पॉलिथीन शीट्स और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था हो. पशुओं के लिए चारा और चिकित्सा शिविरों का अविलंब प्रबंध किया जाए तथा फसल क्षति का शीघ्र आकलन कर किसानों को मुआवजा दिया जाए.

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