हाजीपुर में गंगा-गंडक उफान पर, खतरे के निशान से 94 सेंटीमीटर ऊपर पानी, दियारा क्षेत्रों में हाई अलर्ट
Hajipur Ganga-Gandak Water Levels : हाजीपुर में गंगा और गंडक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए SDRF तैनात कर दी है और 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है. जानिए पूरी स्थिति.
Hajipur Ganga-Gandak Water Levels : हाजीपुर जिले में गंगा और गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. गांधी घाट पर गंगा का पानी खतरे के निशान से 94 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है, जबकि लालगंज में गंडक भी खतरे के निशान से 14 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन ने दियारा और तटीय इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है तथा राहत-बचाव की तैयारियों को तेज कर दिया है.
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गांधी घाट पर खतरे के निशान से 94 सेंटीमीटर ऊपर गंगा
हाजीपुर में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. गांधी घाट पर नदी का पानी 48.60 मीटर के खतरे के निशान से 94 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है. प्रशासन के अनुसार जलस्तर में अभी भी वृद्धि जारी है. दूसरी ओर, रेवा घाट पर गंगा का जलस्तर फिलहाल स्थिर बताया गया है.

लालगंज में गंडक भी खतरे के निशान से ऊपर
लालगंज में गंडक नदी का जलस्तर भी चिंता बढ़ा रहा है. यहां नदी 50.50 मीटर के खतरे के निशान से 14 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण प्रशासन ने नदी से जुड़े इलाकों में निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है.
भारी बारिश और सहायक नदियों के बढ़े प्रवाह से बढ़ा पानी
जिला प्रशासन के मुताबिक ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही भारी वर्षा और सहायक नदियों के बढ़ते प्रवाह का असर गंगा और गंडक के जलस्तर पर पड़ा है. केंद्रीय जल आयोग और जल संसाधन विभाग नदी के जलस्तर और प्रवाह की लगातार निगरानी कर रहे हैं.

राघोपुर समेत छह प्रखंडों में विशेष निगरानी
गंगा और गंडक के प्रवाह क्षेत्र से जुड़े निचले और दियारा इलाकों को विशेष रूप से संवेदनशील माना गया है. राघोपुर, बिदुपुर, हाजीपुर सदर, महनार, सहदेई बुजुर्ग और देसरी में प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है.
रामपुर गांव में पानी फैलने के बाद नावों का परिचालन
राघोपुर प्रखंड की चकसिंगार पंचायत के रामपुर गांव में पानी फैलने के बाद लोगों के आवागमन के लिए नावों का परिचालन शुरू कराया गया है. इसके अलावा रुस्तमपुर और चकौसन घाट पर भी जरूरत के अनुसार पर्याप्त नावों की व्यवस्था की गई है.
तटबंधों की 24 घंटे निगरानी
जिले की सीमा में आने वाले सभी तटबंध और सुरक्षा बांध फिलहाल सुरक्षित बताए गए हैं. इनकी निगरानी के लिए जल संसाधन विभाग के अभियंताओं, तकनीकी कर्मियों और गृह रक्षा वाहिनी के जवानों को 24 घंटे गश्ती पर लगाया गया है.
स्वास्थ्य से लेकर पशु चारा तक तैयारियों की समीक्षा
प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जल निकासी, सुरक्षित पेयजल, आवश्यक दवाओं और एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता की समीक्षा की है. पशुओं के लिए चारा, विद्युत सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं.
हाजीपुर, महनार, राघोपुर और लालगंज में SDRF तैनात
आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव अभियान चलाने के लिए हाजीपुर, महनार, राघोपुर और लालगंज में एसडीआरएफ की तैनाती की गई है. प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी तरह अलर्ट रहने को कहा है.
जिला आपातकालीन संचालन केंद्र 24 घंटे सक्रिय
समाहरणालय स्थित जिला आपातकालीन संचालन केंद्र का नियंत्रण कक्ष 24 घंटे संचालित रहेगा. किसी भी आपदा या नदी के जलस्तर से जुड़ी आकस्मिक स्थिति की सूचना जिला प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर 06224-260233 और 06224-260234 पर दी जा सकती है.
जलस्तर पर बनी रहेगी प्रशासन की नजर
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता तटबंधों की सुरक्षा, संवेदनशील इलाकों में निगरानी और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है. गंगा और गंडक के जलस्तर में आगे होने वाले बदलाव के आधार पर राहत और बचाव की व्यवस्था को और बढ़ाया जा सकता है.
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