हाजीपुर में बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, 146 नावें और 24 सामुदायिक रसोई से राहत कार्य जारी

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बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में नाव से आते जाते लोग फोटो

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हाजीपुर जिले में गंगा और गंडक नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में 146 नावों के ज़रिए लगातार राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है। आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

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हाजीपुर जिले में गंगा एवं गंडक नदी के जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी के साथ राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है. प्रभावित लोगों के सुरक्षित आवागमन और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए जिले में कुल 146 नावों का परिचालन किया जा रहा है.

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146 नावों से जारी है आवागमन और राहत कार्य

जिला प्रशासन के अनुसार, संचालित 146 नावों में एक मोटर बोट, सात सरकारी नाव और 138 निजी नाव शामिल हैं. इन नावों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के आवागमन के साथ राहत सामग्री पहुंचाने का काम किया जा रहा है.

44,935 पॉलीथीन शीट्स और 19,180 राशन पैकेट वितरित

बाढ़ प्रभावित परिवारों को प्रशासन की ओर से जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध करायी जा रही है. अब तक कुल 44,935 पॉलीथीन शीट्स और 19,180 ड्राई राशन पैकेट वितरित किये जा चुके हैं. इससे प्रभावित परिवारों को बारिश और बाढ़ के बीच अस्थायी राहत मिल रही है.

24 सामुदायिक रसोई में मिल रहा भोजन

प्रभावित लोगों को समय पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिले में 24 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं. इन रसोई के माध्यम से बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है.

26 स्वास्थ्य शिविरों में 2,553 लोगों का उपचार

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी प्रशासन ने व्यवस्था की है. जिले में कुल 26 स्वास्थ्य शिविर संचालित किये जा रहे हैं. बुधवार को इन शिविरों में कुल 2,553 लोगों का उपचार किया गया. अब तक 5,000 मेडिकल किट भी वितरित किये जा चुके हैं.

इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को जलजनित बीमारियों से बचाने के लिए बुधवार को 2,067 हैलोजन टैबलेट वितरित किये गये. स्वच्छता व्यवस्था के तहत 615 किलोग्राम ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी किया गया.

पशुओं के इलाज के लिए 13 शिविर

बाढ़ प्रभावित परिवारों के पशुओं की देखभाल के लिए भी प्रशासन की ओर से व्यवस्था की गयी है. जिले में कुल 13 पशु चिकित्सा शिविर संचालित किये जा रहे हैं. इन शिविरों में बुधवार को 585 पशुओं का उपचार किया गया.

पशुपालकों को राहत देने के लिए अब तक 84,676 किलोग्राम पशु चारा वितरित किया जा चुका है.

24 घंटे सक्रिय हैं नियंत्रण कक्ष

आपात स्थिति या बाढ़ से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना और सहायता के लिए नागरिक 24 घंटे नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर सकते हैं.

  • जिला नियंत्रण कक्ष, वैशाली: 06224-260233, 06224-260234
  • अनुमंडल नियंत्रण कक्ष, हाजीपुर: 06224-272215
  • अनुमंडल नियंत्रण कक्ष, महनार: 06229-299950

नदी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील

जिला पदाधिकारी ने आम नागरिकों से सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की है. उन्होंने लोगों से नदी के किनारे, तेज बहाव वाले क्षेत्रों और जलभराव वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से नहीं जाने को कहा है.

विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को बाढ़ के पानी, नदी तथा तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रखने की अपील की गयी है. जिला प्रशासन ने लोगों से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा किसी भी तरह की आवश्यकता होने पर तत्काल संबंधित नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने को कहा है.

फोटो - बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में नाव से आते जाते लोग फोटो - बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में ब्लीचिंग पॉवडर का छिड़काव करते फोटो - मेडिकल शिविर | Prabhat Khabar Network
फोटो - बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में नाव से आते जाते लोग फोटो - बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में ब्लीचिंग पॉवडर का छिड़काव करते फोटो - मेडिकल शिविर | Prabhat Khabar Network
फोटो - बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में नाव से आते जाते लोग फोटो - बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में ब्लीचिंग पॉवडर का छिड़काव करते फोटो - मेडिकल शिविर | Prabhat Khabar Network
फोटो - बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में नाव से आते जाते लोग फोटो - बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में ब्लीचिंग पॉवडर का छिड़काव करते फोटो - मेडिकल शिविर | Prabhat Khabar Network

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