गंगा-गंडक के उफान के बीच ग्राउंड जीरो पर प्रशासन: संवेदनशील तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी, पशु चारे की व्यवस्था तेज

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अकिलाबाद में तटबंध का निरीक्षण करते डीएम एसपी | Prabhat Khabar Network

गंगा और गंडक नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए वैशाली जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है. जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर तटबंधों की सुरक्षा और राहत कार्यों की समीक्षा की.

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Hajipur News: गंगा और गंडक नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि के बीच बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए वैशाली जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. जिलाधिकारी वर्षा सिंह और पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने संयुक्त रूप से अकिलाबाद क्षेत्र एवं महनार अनुमंडल के विभिन्न बाढ़ प्रभावित इलाकों का सघन निरीक्षण किया. अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर गंडक नदी के बढ़े जलस्तर, ग्रामीण बांधों की वर्तमान स्थिति और मुख्य तिरहुत तटबंध की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान उपस्थित जल संसाधन विभाग के वरीय अधिकारियों एवं अभियंताओं से बांधों की सुरक्षा और जल प्रवाह को लेकर विस्तृत तकनीकी जानकारी प्राप्त की गई.

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तिरहुत तटबंध पूरी तरह सुरक्षित, ग्रामीण बांध पर हुई ओवरटॉपिंग

निरीक्षण के क्रम में बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्तरण प्रमंडल (लालगंज) के कार्यपालक अभियंता ने वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि मुख्य तिरहुत तटबंध अपने सभी संरचनात्मक अवयवों के साथ पूरी तरह सुरक्षित और सुदृढ़ है. उन्होंने बताया कि अकिलाबाद क्षेत्र में ग्रामीणों द्वारा निर्मित निजी ग्रामीण बांध की ऊंचाई मुख्य तिरहुत तटबंध की तुलना में काफी कम है. यह ग्रामीण बांध तिरहुत तटबंध के रिवर साइड (नदी की दिशा) में स्थित है, जिसके कारण गंडक नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि होने से केवल उस ग्रामीण बांध के ऊपर से पानी बहने (ओवरटॉपिंग) की स्थिति बनी है, न कि मुख्य तटबंध क्षतिग्रस्त हुआ है. डीएम ने निर्देश दिया कि मुख्य तटबंध के सभी संवेदनशील बिंदुओं पर चौबीसों घंटे गश्त और निगरानी रखी जाए तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त मानव बल और सुरक्षात्मक संसाधन तैयार रखे जाएं.

बिलट चौक स्लुइस गेट की सफाई और खड़गपुर बांध का निरीक्षण

महनार अनुमंडल क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी सबसे पहले बिलट चौक स्थित ड्रेनेज डिवीजन (हाजीपुर) के स्लुइस गेट पर पहुंचीं. उन्होंने जल निकासी को बाधित कर रहे जमा कचरे को युद्धस्तर पर साफ कराने का निर्देश दिया, ताकि पानी का प्रवाह सुचारू हो सके. इसके बाद प्रशासनिक दल देसरी प्रखंड अंतर्गत आजमपुर पंचायत के वार्ड संख्या 11 एवं 12 (खड़गपुर) पहुंचा, जहां बांध की स्थिति और चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया गया. डीएम ने वहां उपस्थित ग्रामीणों से सीधे संवाद कर सुरक्षा कार्यों का फीडबैक लिया और स्थानीय लोगों की समस्याओं के त्वरित निष्पादन का भरोसा दिलाया.

फोटो -9- महनार में कार्यो का समीक्षा लेती डीएम  | Prabhat Khabar Network
महनार में कार्यो का समीक्षा लेती डीएम | Prabhat Khabar Network

पशु चारा उपलब्ध कराने और महनार बाजार घाट पर विस्थापितों से संवाद

बाढ़ पीड़ितों की मानवीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में मवेशियों के लिए पर्याप्त मात्रा में सूखा व हरा चारा उपलब्ध कराया जाए और आवश्यकतानुसार पशु चिकित्सा शिविर लगाए जाएं. इसके उपरांत डीएम और एसपी ने महनार स्थित बाजार घाट का दौरा किया. यहां राघोपुर के अत्यधिक बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से विस्थापित होकर पहुंचे परिवारों से डीएम ने बातचीत की. उन्होंने विस्थापितों के रहने, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा सुविधा और दोनों समय भोजन की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए.

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