अब ऑनलाइन बिकेंगे कारीगरों के उत्पाद, हाजीपुर में 130 विश्वकर्मा योजना लाभार्थियों को मिले मार्केटिंग के गुर

Updated:
विज्ञापन

मीटिग में शामिल लोग.

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत हाजीपुर में 130 कारीगरों के लिए एक सेमिनार आयोजित किया गया. इसका उद्देश्य उनके पारंपरिक उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाना है. विशेषज्ञों ने ब्रांडिंग, पैकेजिंग और डिजिटल मार्केटिंग के गुर सिखाए.

विज्ञापन

Pradhanmantri Vishwakarma Yojana: प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से जुड़े पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के उत्पादों को अब बड़े बाजार तक पहुंचाने की तैयारी है. इसी उद्देश्य से हाजीपुर स्थित जिला उद्योग केंद्र के सम्मेलन कक्ष में ब्रांडिंग और मार्केटिंग विषय पर एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया. इसमें करीब 130 कारीगरों और शिल्पकारों ने भाग लिया.

आपके शहर में

विज्ञापन

सेमिनार में विशेषज्ञों ने कारीगरों को बताया कि केवल अच्छा उत्पाद बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी पहचान बनाने, ग्राहकों तक पहुंचाने और बिक्री बढ़ाने के लिए प्रभावी ब्रांडिंग, आकर्षक पैकेजिंग और डिजिटल मार्केटिंग भी जरूरी है.

ब्रांडिंग से उत्पाद को मिलेगी अलग पहचान

भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत एमएसएमई-डीएफओ, मुजफ्फरपुर की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कारीगरों को उत्पादों की ब्रांडिंग से जुड़ी जानकारी दी गयी.

विशेषज्ञों ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण उत्पाद के साथ आकर्षक नाम, पैकेजिंग और बेहतर प्रस्तुति ग्राहकों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाती है. इससे स्थानीय स्तर पर तैयार सामान को बाजार में अलग पहचान दिलायी जा सकती है.

ई-कॉमर्स से जिले के बाहर पहुंचेगा स्थानीय हुनर

सेमिनार में डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स के माध्यम से उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के तरीकों पर भी जानकारी दी गयी. कारीगरों को बताया गया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिये वे अपने उत्पादों को स्थानीय बाजार से बाहर देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचा सकते हैं.

सोशल मीडिया के इस्तेमाल से उत्पादों का प्रचार-प्रसार करने और संभावित ग्राहकों तक सीधे पहुंच बनाने के तरीकों की भी जानकारी दी गयी.

ग्राहकों की पसंद समझना भी जरूरी

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बाजार की मांग, ग्राहकों की पसंद और बदलते बाजार रुझानों को समझने पर जोर दिया. कारीगरों को बताया गया कि बाजार में मांग के अनुसार उत्पाद और उसकी प्रस्तुति में बदलाव करने से बिक्री के अवसर बढ़ सकते हैं.

इसके साथ ही सोशल मीडिया पर उत्पाद की तस्वीर, जानकारी और उसकी उपयोगिता को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के व्यावहारिक पहलुओं पर भी चर्चा हुई.

कारीगरों से संवाद कर जानी समस्याएं

सेमिनार के दौरान अधिकारियों और विशेषज्ञों ने कारीगरों से सीधे संवाद किया. इस दौरान उनके सामने बाजार तक पहुंच, उत्पादों की बिक्री और प्रचार-प्रसार से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा हुई.

कारीगरों को उपलब्ध बाजार अवसरों और आधुनिक मार्केटिंग माध्यमों के बारे में जानकारी दी गयी, ताकि वे अपने पारंपरिक हुनर को व्यावसायिक रूप से आगे बढ़ा सकें.

स्थानीय हुनर को बड़े बाजार से जोड़ने की तैयारी

जिला प्रशासन का उद्देश्य प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को प्रशिक्षण और सहायता के साथ आधुनिक बाजार व्यवस्था से जोड़ना है. इसके तहत ब्रांडिंग, डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स और ऑनलाइन बिक्री की जानकारी देकर कारीगरों के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है.

इस पहल से स्थानीय स्तर पर तैयार पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान मिलने और कारीगरों के लिए आय के अतिरिक्त अवसर पैदा होने की उम्मीद है.

इसे भी पढ़ें:सारण में गंगा का रौद्र रूप: दिघवारा के अकिलपुर पंचायत के 8 गांव बाढ़ में डूबे, सड़क से घर तक पानी ही पानी

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन