गोपालगंज में बेटी के जन्म पर अनोखा जश्न: गुब्बारों से सजी कार में घर पहुंची नन्ही ‘लक्ष्मी’, लोगों ने कहा- ऐसी सोच बदलेगी समाज

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नवजात बेटी के जन्मोत्सव पर रंग-बिरंगे गब्बर से सजाये गये कार.

Daughter's Birth Celebration: एक परिवार ने बेटी के जन्म को खास अंदाज में मनाकर समाज को एक खूबसूरत संदेश दिया है. उन्होंने अपनी कार को रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाकर अपनी लाडली का स्वागत किया. इस अनोखी पहल ने सभी का ध्यान खींचा और बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा दिया.

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Daughter's Birth Celebration: सदर अस्पताल में रविवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. अक्सर बेटे के जन्म पर जश्न मनाने की खबरें सामने आती हैं, लेकिन इस बार एक परिवार ने बेटी के जन्म को खास अंदाज में सेलिब्रेट कर समाज को खूबसूरत संदेश दिया.

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मांझा प्रखंड के मशानथाना गांव निवासी गुलशन कुमार और उनकी पत्नी उर्मिला देवी के घर पहली संतान के रूप में बेटी का जन्म हुआ. बेटी के जन्म की खुशी में परिवार ने सदर अस्पताल से उसे घर ले जाने के लिए अपनी कार को रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया. परिवार पूरे उत्साह और खुशी के साथ नवजात बेटी को घर लेकर रवाना हुआ.

गुब्बारों से सजी कार बनी आकर्षण का केंद्र

सदर अस्पताल से जैसे ही गुब्बारों से सजी कार बाहर निकली, वहां मौजूद मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मियों की नजर कार पर टिक गयी. कई लोगों ने इस खूबसूरत पल को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया.

लोगों ने परिवार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि बेटी के जन्म पर इस तरह खुशी मनाना समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने वाला कदम है. यह पहल बेटियों के सम्मान और समानता का संदेश भी देती है.

‘हमारे घर लक्ष्मी आयी है’

बेटी के पिता गुलशन कुमार ने कहा कि उनके घर पहली बार बेटी का जन्म हुआ है. इसलिए परिवार ने उसके जन्म को उत्सव की तरह मनाने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि बेटी उनके लिए खुशी और सौभाग्य लेकर आयी है. वह किसी भी मायने में बेटे से कम नहीं है. परिवार चाहता है कि बेटी का स्वागत उसी गर्व और खुशी के साथ हो, जैसे बेटे के जन्म पर किया जाता है.

बेटी पढ़-लिखकर आगे बढ़े

नवजात की मां उर्मिला देवी ने कहा कि बेटी के जन्म से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है. उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि बेटी अच्छी शिक्षा हासिल करे और जीवन में बड़ी सफलता प्राप्त करे. परिवार उसकी पढ़ाई और बेहतर भविष्य के लिए हरसंभव प्रयास करेगा.

सिविल सर्जन ने की पहल की सराहना

सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. मोहम्मद इजराइल ने परिवार की पहल की सराहना की. उन्होंने कहा कि बेटा और बेटी में कोई अंतर नहीं है. समाज में बेटियों के जन्म को भी उसी खुशी और सम्मान के साथ मनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसी पहल लोगों की सोच बदलने में सकारात्मक भूमिका निभाती है.

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