गोपालगंज जेल से 23 हजार नकद व दो मोबाइल बरामद

Updated:
विज्ञापन

तीन बैटरी और चार्जर भी बरामद पांच घंटे तक चला सर्च अभियान थावे : चनावे स्थित गोपालगंज जेल में कैदियों के अनशन तथा हंगामे की खबर पर पहुंचे प्रशासन के अधिकारियों ने जेल के एक-एक कोने को छान मारा. पांच घंटे तक जेल के भीतर सघन जांच की गयी, जिसमें पुलिस ने 23 हजार 110 […]

विज्ञापन

तीन बैटरी और चार्जर भी बरामद

पांच घंटे तक चला सर्च अभियान
थावे : चनावे स्थित गोपालगंज जेल में कैदियों के अनशन तथा हंगामे की खबर पर पहुंचे प्रशासन के अधिकारियों ने जेल के एक-एक कोने को छान मारा. पांच घंटे तक जेल के भीतर सघन जांच की गयी,
जिसमें पुलिस ने 23 हजार 110 रुपये नकद, दो मोबाइल, सात सिम कार्ड, एक चार्जर, तीन मोबाइल की बैटरी बरामद की है.
छापेमारी का नेतृत्व डीएम राहुल कुमार, एसपी निताशा गुड़िया, अनुमंडल पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार, एसडीपीओ मनोज कुमार, गोपालपुर के थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार, विशंभरपुर के थानाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण महतो, जादोपुर थानाध्यक्ष गौतम कुमार, थावे थानाध्यक्ष पंकज कुमार के अलावा शहर से अतिरिक्त पुलिस बल बुला कर शुक्रवार की दोपहर एक बजे से जेल में छापेमारी शुरू हुई.
एक-एक कैदियों को सर्च किया गया. अधिकारियों की इस छापेमारी से जेल में हड़कंप मचा रहा. जेल में बंद कैदियों के पास से मोबाइल एवं आपत्तिजनक समान की बरामदगी ने जेल प्रशासन की पोल खोल दी है. जेल में अधिकारियों ने पांच घंटे तक लगातार जांच की है
जेल पुलिस और कैदियों में हुई थी भिड़ंत : चनावे जेल में जेल अधीक्षक केपी पिंगुआ के नेतृत्व में गुरुवार को जेल में सर्च अभियान चलाया गया था, जिसमें वार्ड नं-4 के कक्ष संख्या-06 में कैदियों के पास से दो मोबाइल बरामद किया गया. इसमें सीवान जिले के नया टोला गांव के संजय कुमार के पास से एक तथा मांझा गड़ा थाने के सहलादपुर मालिकाना गांव के लोकेश कुमार के पास से एक मोबाइल बरामद किया गया था.
बरामदगी के दौरान कैदी अमरेंद्र सिंह ने अन्य कैदियों को भड़का दिया, जिससे झड़प हो गयी. इसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गये थे.
जेल प्रशासन का है अपना तर्क : कैदियों के द्वारा लगाये जा रहे खाना में घटिया सामग्री के आरोप से इनकार करते हुए जेल अधीक्षक केपी पिंगुआ का कहना है कि कैदियों के पास से बरामद किये गये मोबाइल का विरोध इनके द्वारा किया जा रहा था. कैदियों के द्वारा बरामद किये गये मोबाइल को लौटाने का दबाव दिया जा रहा था.
नहीं देने पर उनके द्वारा जेल प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए सुबह कुछ घंटों के लिए अनशन किया गया. बाद में जिला प्रशासन के अधिकारियों के समझाने पर अनशन समाप्त किया गया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन