गया जंक्शन पर ट्रेन के बाथरूम के बाहर मिले 45 जिंदा कछुए, दो झोले और बैग में थे छिपाए, जांच में जुटी RPF-GRP

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बरामद कछुआ के पास आरपीएफ जीआरपी की टीम | Prabhat Khabar Network

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गया जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेल पुलिस (GRP) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रेन से 45 जीवित कछुए बरामद किए हैं. यह खेप स्लीपर कोच में लावारिस हालत में मिली थी. वन्यजीव तस्करी के खिलाफ हुई इस कार्रवाई की जांच अब आगे बढ़ाई जा रही है.

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संवाददाता, गया जी. गया जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेल पुलिस (GRP) की संयुक्त टीम ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 45 जीवित कछुए बरामद किए हैं. कछुओं को 13010 डाउन ऋषिकेश-हावड़ा दून एक्सप्रेस के स्लीपर कोच से बरामद किया गया. सभी कछुओं को सुरक्षित अवस्था में वन विभाग, गया के अधिकृत कर्मचारी को सौंप दिया गया है.

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प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर पहुंची थी दून एक्सप्रेस

आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारियों के अनुसार 15 सितंबर की रात ट्रेन संख्या 13010 डाउन दून एक्सप्रेस गया जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर करीब 8:50 बजे पहुंची थी. ट्रेन के पहुंचने के बाद संयुक्त टीम ने स्लीपर कोचों की जांच शुरू की. इसी दौरान टीम को एस-08 कोच में संदिग्ध सामान दिखाई दिया.

बाथरूम के बाहर लावारिस मिले दो झोले और बैग

जांच के दौरान एस-08 कोच के बाथरूम के बाहर दो झोले और एक पिट्ठू बैग लावारिस अवस्था में रखा मिला. सामान पर किसी यात्री का नाम या पहचान नहीं मिली. संदेह होने पर संयुक्त टीम ने दोनों झोलों और बैग की तलाशी ली.

बैग खोलते ही मिले 45 जिंदा कछुए

तलाशी के दौरान बैग और झोलों के अंदर कुल 45 जीवित कछुए मिले. कछुओं की बरामदगी के बाद आरपीएफ की टीम ने उन्हें सुरक्षित तरीके से अपने संरक्षण में लिया और रेसुब पोस्ट गया लेकर पहुंची. कछुओं को किसी यात्री द्वारा लावारिस छोड़कर जाने की आशंका को देखते हुए मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

मौके से किसी की गिरफ्तारी नहीं

बरामद कछुओं के संबंध में मौके से किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की सूचना नहीं है. आरपीएफ और जीआरपी की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि कछुओं को ट्रेन में किसने रखा था और इन्हें कहां ले जाया जा रहा था. मामले में आगे की जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित हैं कछुए

आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त संजय कुमार सिंह ने बताया कि कछुआ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित वन्यजीव की श्रेणी में आता है. ऐसे में बरामद जीवित कछुओं को सुरक्षित रखना और उन्हें संबंधित वन विभाग को सौंपना जरूरी था. इसी प्रक्रिया के तहत सभी कछुओं को वन विभाग के हवाले किया गया.

45 कछुए वन विभाग को किए गए सुपुर्द

16 सितंबर को बरामद सभी 45 जीवित कछुओं को वन विभाग, गया के अधिकृत कर्मचारी एवं वनरक्षी वशिष्ठ कुमार को विधिवत सुपुर्द कर दिया गया. वन विभाग की निगरानी में अब कछुओं की आगे की देखरेख और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

संयुक्त टीम ने की कार्रवाई

यह कार्रवाई आरपीएफ पोस्ट गया के निरीक्षक प्रभारी बनारसी यादव, निरीक्षक चंदन कुमार और राजकीय रेल थाना गया के थानाध्यक्ष शिवकुमार के निर्देशन में की गई. संयुक्त टीम में आरपीएफ पोस्ट गया के सहायक उप निरीक्षक रणधीर कुमार, प्रधान आरक्षी सचिन्द्र कुमार, आरक्षी विकास कुमार, कुमार नरेंद्र और अरुण कुमार सिंह शामिल थे.

अपराध आसूचना और CPDS टीम भी जांच में शामिल

कार्रवाई में अपराध आसूचना शाखा के प्रधान आरक्षी सर्वजीत राय और आरक्षी नवीन कुमार पांडेय के अलावा CPDS टीम के उप निरीक्षक मुकेश कुमार, आरक्षी सुनील कुमार और अमित कुमार ने भी हिस्सा लिया. राजकीय रेल थाना गया के प्रधान सहायक अवर निरीक्षक राज कुमार सिंह भी संयुक्त जांच टीम में शामिल रहे.

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