बांकेबाजार में सावन पूर्णिमा बाद हटेगा अतिक्रमण

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प्रखंड कार्यालय के सभागार में गुरुवार को पंचायत समिति का बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख अविता कुमारी ने की.

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बांकेबाजार. प्रखंड कार्यालय के सभागार में गुरुवार को पंचायत समिति का बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख अविता कुमारी ने की. बैठक की शुरुआत में गत बैठक के अनुपालन को पढ़कर जनप्रतिनिधियों को सुनाया गया. कई मुद्दे काफी गहमागहमी के बीच जनप्रतिनिधियों के द्वारा उठाये गये. सबसे पहले प्रखंड स्वच्छता समन्वयक रणजीत कुमार पर पैसा लेकर शौचालय की इंट्री करने व लाभुकों के खाते में राशि भेजने की आरोप सदन में लगाया गया. श्रम प्रवर्तन विभाग के तहत कन्या विवाह योजना में कन्या के खाते में 50 हजार रुपये प्रति लाभुक दिये जाने का सरकार के द्वारा प्रावधान है, लेकिन बिचौलियाें के माध्यम से 25 हजार रुपये लेकर लाभुक के खाते में 50 हजार रुपये भेजा जाता है. बांकेबाजार में हमेशा सड़क जाम की समस्या बनी रहती है, क्योंकि कुछ दुकानदारों के द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है. पंचायत समिति के बैठक में हमेशा अतिक्रमण की मुद्दा उठाया जाता है, लेकिन चलाधिकारी द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. मुद्दा उठने के बाद सीओ ने सावन पूर्णिमा के बाद बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराने की बात कही. प्रखंड के 104 स्कूलों में हाउस कीपिंग के तहत वेंडर के माध्यम से साफ सफाई की व्यवस्था करना है. लेकिन, वेंडर की मनमानी के कारण सफाई करनेवाले कर्मी को उचित मजदूरी नहीं मिल रहा है. बहुत स्कूलों में हाउस कीपिंग का काम नहीं हो रहा है. बैठक में जिस आगनबाड़ी केंद्र का अपना भवन नहीं है. वहां अतिशीघ्र निर्माण कराने की मुद्दा उठाया गया. प्रखंड अंतर्गत बिजली के तार काफी जर्जर हालत में है. इसलिए विद्युत विभाग के कनीय अभियंता से जर्जर तार को बदलने की मुद्दा को उठाया गया. साथ ही जहां किसी कारणवश ट्रांसफार्मर जल जाता है तो 24 घंटे के अंदर ट्रांसफार्मर बदलने की बात की गयी. साथ ही षष्ठम वित्त आयोग की योजना को पंचायत समिति सदस्यों के सभी क्षेत्रों में विकास कार्य कराने के लिए योजना सर्वसम्मति से पारित किया गया. बैठक में मनरेगा प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी के गलत रवैये व पक्षपात का आरोप भी लगाया गया. किसानों को समय पर व उचित मूल्य पर बीज वितरण नहीं किया जाता है. प्रखंड कृषि पदाधिकारी कभी भी अपने कार्यालय में नहीं आते हैं. जिससे किसानों को सरकार से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित होने का आरोप लगाया गया. बैठक में कृषि विभाग से कोई पदाधिकारी नहीं पहुंचे. इसलिए उनके प्रति निंदा प्रस्ताव पारित किया गया. बैठक में कृषि पदाधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी, वनपाल, एसबीआई के मैनेजर, रोशनगंज दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक के मैनेजर, सीडीपीओ, बीईओ सहित अन्य पदाधिकारी अनुपस्थित रहे. जिनके प्रति निंदा प्रस्ताव पारित किया गया व वरीय पदाधिकारी से एक दिन के वेतन कटौती की मांग की गयी. इस मौके उप प्रमुख,बिंदेश्वर प्रसाद, बीडीओ डॉ उदय कुमार, सीओ विक्रम सिंह, बीपीआरओ निखिल राज, एमओ सुनील कुमार, मुखिया रघुनाथ यादव, अशोक यादव, अनवर हुसैन, कुमारी उषा, विमला देवी, रंजीत कुमार, पंचायत समिति सदस्य इंतखाब आलम, आदित्य ठाकुर, अंचला कुमारी सहित सभी पंचायत समिति सदस्य एवं मुखिया उपस्थित थे.

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