कुछ काम हुए, तो कई लटके
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :05 Apr 2017 4:01 AM (IST)
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लेखा-जोखा. शेरघाटी नपं से लोगों को बेहतरी की उम्मीद शेरघाटी : शेरघाटी नगर पंचायत का इतिहास काफी पुराना है. वर्ष 1968 में अधिसूचित क्षेत्र समिति के रूप में इसकी स्थापना हुई थी. 26 अक्तूबर 1975 को यह अपने अस्तित्व में आया. जानकारों के मुताबिक उस वक्त वार्डों की संख्या पांच और शहर की आबादी लगभग […]
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लेखा-जोखा. शेरघाटी नपं से लोगों को बेहतरी की उम्मीद
शेरघाटी : शेरघाटी नगर पंचायत का इतिहास काफी पुराना है. वर्ष 1968 में अधिसूचित क्षेत्र समिति के रूप में इसकी स्थापना हुई थी. 26 अक्तूबर 1975 को यह अपने अस्तित्व में आया. जानकारों के मुताबिक उस वक्त वार्डों की संख्या पांच और शहर की आबादी लगभग 25 हजार थी. वहीं, इसके सदस्यों की संख्या 20 थी. शहर में कई सड़क व नालियों का निर्माण हुआ. वार्डों में स्ट्रीट लाइटें भी लगायी गयीं. नगर पंचायत कार्यालय के निकट सब्जीमंडी का निर्माण,
नगर पंचायत के नये कार्यालय भवन का निर्माण आदि बेहतर काम हुए. वहीं, शहरी पेयजल योजना, नल-जल योजना, हाउसिंग फॉर ऑल योजना, टाउन हाल का निर्माण नहीं हो सका. मुख्य पार्षद चनारिक पासवान बताते हैं कि सभी परेशानियों के बावजूद नागरिकों को सुविधा मिली है.
शहर की जनसंख्या 50 हजार के आसपास वर्ष 2002 में अधिसूचित क्षेत्र समिति के विघटन के बाद इसे नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त हुआ. इस प्रकार प्रथम नगर निकाय का चुनाव संपन्न हुआ. शैलेन्द्र कुमार ने यहां के प्रथम कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में अपनी सेवा प्रदान की. चुनाव के बाद जयंत कुमार सिंह अध्यक्ष के रूप में चुने गये. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार इस शहर की जनसंख्या 40 हजार 666 हो गयी थी, जबकि शहर की जनसंख्या 50 हजार के आसपास है.
अब तक के नगर पंचायत के अध्यक्षों की सूची वर्ष 1975 से 1995 तक कामदेव सिंह अध्यक्ष के पद पर आसीन रहे. उनके बाद आदित्य प्रसाद, उदय सिंह, किशोर सिंह तथा मशरूर आलम अधिसूचित क्षेत्र समिति के अध्यक्ष पद पर काबिज रहे. वहीं नगर पंचायत के दर्जा के बाद जयंत कुमार सिंह, संगीता देवी, रामलखन पासवान अध्यक्ष रह चुके हैं, जबकी चनारिक पासवान वर्तमान अध्यक्ष हैं.
मुख्य पार्षद के खिलाफ दो दफा आ चुका है अविश्वास प्रस्ताव नगर पंचायत के मुख्य पार्षद चनारिक पासवान के खिलाफ उनके कार्यकाल में दो-दो बार अविश्वास प्रस्ताव विरोधियों के द्वारा लाया गया. हालांकि, दोनों दफा वह अपनी कुरसी बचाने में सफल रहे. इसी रस्साकस्सी की वजह से यहां विकास कार्य बाधित रहा. विकास योजना की ज्यादातर रुपये पड़ी रह गयीं. वहीं स्ट्रीट लाइट व हाउसिंग फॉर ऑल योजना में भ्रष्टाचार व गड़बडी को लेकर चर्चा बनी रही.
कुछ महत्वपूर्ण योजनाओं पर हो
काम, तो बदल जायेगी तसवीर
शेरघाटी के सामाजिक कार्यकर्ता विनय प्रसाद बताते हैं कि नगर पंचायत इलाके में कुछ महत्वपूर्ण योजनाओं पर कामकाज हो, तो शहरी इलाके की तसवीर ही बदल जायेगी. शेरघाटी का शहरी इलाका चारों तरफ से नदियों से घिरा है. शहर में नयी बाजार से गोला बाजार होते एसडीओ आवास तक आये दिन जाम की स्थिति बनी रहती है. अगर शहर के बाहर-बाहर चारों तरफ रिंग रोड का निर्माण हो जाये तो जाम की समस्या दूर हो जायेगी. पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर शहर में दो-दो पानी की टंकी बनी है. लेकिन, सही तरीके से देख-रेख नहीं होने के कारण उससे आपूर्ति नहीं हो रही है.
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