गया : मगध में प्राथमिक शिक्षा का घटता स्तर व्यवस्था की पोल खोल रही ''असर''

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 08 Mar 2019 9:04 AM

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प्रसनजीत गया : प्रमंडल में प्राथमिक शिक्षा का हाल कैसा है यह प्रथम नामक संस्था की एनुअल स्टेटस आॅफ एडुकेशन रिपोर्ट (असर) ने खुलासा कर दिया है. संस्था द्वारा 2016 के बाद 2018 में सर्वे कर रिपोर्ट जारी की गयी है. रिपोर्ट के मुताबिक प्रमंडल में प्राथमिक शिक्षा के स्तर में सुधार की जगह गिरावट […]

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प्रसनजीत
गया : प्रमंडल में प्राथमिक शिक्षा का हाल कैसा है यह प्रथम नामक संस्था की एनुअल स्टेटस आॅफ एडुकेशन रिपोर्ट (असर) ने खुलासा कर दिया है.
संस्था द्वारा 2016 के बाद 2018 में सर्वे कर रिपोर्ट जारी की गयी है. रिपोर्ट के मुताबिक प्रमंडल में प्राथमिक शिक्षा के स्तर में सुधार की जगह गिरावट आयी है. छह से 14 साल की उम्र के चार प्रतिशत बच्चों का आज भी स्कूल नहीं जाने की बात इसका पहला उदाहरण है.
संस्था की रिपोर्ट ने जिन बिंदुओं का जिक्र किया है, वह चौंकाने और परेशान करने वाला है. हालांकि, इस रिपोर्ट को पढ़ने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी और शिक्षक कितने चिंतित होंगे यह बता पाना मुश्किल है, क्योंकि उन्हें चिंता होती, तो शायद ऐसी रिपोर्ट सामने नहीं आती. संस्था ने बिहार के कई जिलों में प्राथमिक व मध्य शिक्षा के स्तर को जांचने के लिए सर्वे कराया.
यह संस्था लंबे समय से शिक्षा के स्तर पर देश भर में ऐसे काम कर रही है. 2016 में शिक्षा के स्तर को प्रदर्शित करती रिपोर्ट सामने आयी थी. दो साल के बाद संस्था ने फिर से रिपोर्ट जारी की है.
दो साल में सुधरने की जगह बिगड़ी है व्यवस्था
असर के मुताबिक मगध प्रमंडल में बीते दो सालों में प्राथमिक शिक्षा का स्तर घटा ही है.2016 की सर्वे के मुताबिक प्रमंडल में छह से 14 साल के 3.3 प्रतिशत बच्चे स्कूल नहीं जाते थे,जो 2018 में बढ़ कर चार प्रतिशत हो गये. इसी तरह 2016 में कक्षा तीन से पांच तक पढ़ने वाले 38.9 प्रतिशत बच्चे कक्षा दो की किताबों को ही पढ़ पाते थे,जो 2018 में घट कर 35.9 प्रतिशत हो गया. 2016 में कक्षा छह से आठ तक के 70.2 प्रतिशत बच्चे कक्षा दो की किताबें पढ़ पाते थे, जो 2018 में घट कर 64 प्रतिशत हो गया. जोड़-घटाव की भी स्थिति कुछ ऐसी ही है.
2016 में कक्षा तीन से पांच तक के 46.1 प्रतिशत बच्चे गणित का सामान्य घटाव कर पाते थे, जो 2018 में 43.7 प्रतिशत हो गया. 2016 में कक्षा छह से आठ तक के 58.6 प्रतिशत बच्चों को सामान्य भाग आता था, जो 2018 में घट कर 50.6 प्रतिशत हो गया.
प्रमंडल के जिलों में शिक्षा का हाल (सभी % में )
छह से 14 साल तक के बच्चे, जो स्कूल नहीं जाते
अरवल – 1.0 , औरंगाबाद – 2.7,गया – 4.8, जहानाबाद- 5.8 नवादा – 4.4
कक्षा तीन से पांच तक के बच्चे, जो दूसरी की किताब ठीक से पढ़ पाते हैं
अरवल – 39.0 , औरंगाबाद – 47.7,गया – 31.1,जहानाबाद- 38.3 ,नवादा – 24.9
कक्षा छह से आठ तक के बच्चे, जो कक्षा दो की किताब ठीक से पढ़ पाते हैं
अरवल – 72.8 , औरंगाबाद – 71.3,गया – 61.6,जहानाबाद- 66.9 ,नवादा -56.8
कक्षा तीन से पांच तक के बच्चे, जो गणित का सामान्य घटाव कर पाते हैं
अरवल -40.3 , औरंगाबाद -56.2,गया – 39,7,जहानाबाद- 45.0 ,नवादा – 36.6
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