अखिल विश्व गायत्री परिवार ने प्रारंभ किया है देशव्यापी निर्मल गंगा जन अभियान

Published at :23 Apr 2018 2:55 AM (IST)
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अखिल विश्व गायत्री परिवार ने प्रारंभ किया है देशव्यापी निर्मल गंगा जन अभियान

गया : अखिल विश्व गायत्री परिवार की युवा इकाई चिन्मय युवा प्रकोष्ठ व कन्या जागृति मंडल के युवक-युवतियों द्वारा रामसागर तालाब में निर्मल गंगा जन अभियान समग्र स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अभियान के तहत रविवार की सुबह गायत्री शक्तिपीठ गया से रैली निकाली गयी, जो चांद चौराहा, टिल्हा धर्मशाला व नवागढ़ी होते […]

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गया : अखिल विश्व गायत्री परिवार की युवा इकाई चिन्मय युवा प्रकोष्ठ व कन्या जागृति मंडल के युवक-युवतियों द्वारा रामसागर तालाब में निर्मल गंगा जन अभियान समग्र स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अभियान के तहत रविवार की सुबह गायत्री शक्तिपीठ गया से रैली निकाली गयी, जो चांद चौराहा, टिल्हा धर्मशाला व नवागढ़ी होते हुए रामसागर तालाब पर समाप्त हुई.
इसमें बाल संस्कारशाला के बच्चों के हाथों में तख्तियाें पर लिखे स्लोगन आकर्षण का केंद्र बने रहे. रामसागर तालाब परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया. साथ ही आसपास के लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया और सफाई के दौरान इकट्ठा किये गये कचरे को जलाया नहीं गया बल्कि कूड़ेदान में फेंक दिया गया.
चिन्मय युवा प्रकोष्ठ के समन्वयक मुकेश कुमार ने कहा कि पानी का प्रत्येक बूंद निर्मल गंगा का अंश है. इसके बावजूद पानी की बर्बादी धड़ल्ले से हो रही है. लोग अपने मकान के सामने सड़कों पर अपनी गाड़ी को धोते हैं. टंकी भर जाने के बावजूद पानी ओवर फ्लो होकर सड़कों पर यूं ही बहता रहता है. यह सिर्फ पानी की बर्बादी ही हैं. इसके प्रति लोगों को जागरूक होना होगा. पूरे समाज में जागरूकता फैलानी होगी. टोली नायक सुमित कुमार ने बताया कि भारतीय संस्कृति पर सभ्यता, दर्शन और अध्यात्म का पवित्र प्रभाव है.
गंगा आधे भारत को अपने आंचल में समेटे गंगा जन-जन में देवत्व, घर-घर में संस्कृति, तट-तट पर पवित्रता और श्री-समृद्धि बिखेरती, सागर को गौरव प्रदान करती है. मीडिया प्रभारी सूरज राउत ने कहा कि वर्तमान संदर्भ में यह विचारणीय है कि ऐसी जीवनदायिनी नदी को हमने अपने स्वार्थ और अंधे विकास की खातिर मरणासन्न स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है. जिस देश में सत्य सिद्ध करने हेतु गंगा की सौगंध ली जाती हो तथा जिसके जल की कुछ बूंदें मोक्ष की वाहक बनती हों, उसी नदी के जल को आज हम ने पीने और नहाने योग्य भी नहीं छोड़ा
माता अपना कर्तव्य निभा रही है, किंतु हम उसके पुत्र बदले में उन्हें क्या दे रहे हैं ? जिस नदी को हमें आदर और सम्मान देना चाहिए था, उसमें हम अपने नगर का मैला, उद्योगों का कचरा, नालों का पानी, शव इत्यादि बहा रहे हैं. मानो वह एक नदी नहीं कूड़ादान हो. सभ्यता की जननी से यह असभ्य व्यवहार अब असहनीय हो गया है. इसी भावना से आहत हो अखिल विश्व गायत्री परिवार ने प्रारंभ किया है एक देशव्यापी अभियान निर्मल गंगा जन अभियान.
इस अभियान को सफल बनाने के लिए सहायक ट्रस्टी राधेश्याम श्रीवास्तव, कार्यक्रम समन्वयक अमित कुमार, सक्रिय कार्यकर्ता मनीष शुक्ला, सुनील मिश्रा, प्रिंस कुमार, अमन कुमार, मनीष गुप्ता, राजा कुमार, दिवाकर कुमार, प्रवीण मिश्रा, निरमा कुमारी, आकांक्षा पटेल, स्मृति भट्टाचार्य, निभा मिश्रा, विभा रानी,दिव्या मिश्रा, खुश्बू कुमारी व बाल संस्कारशाला के बच्चों ने अहम भूमिका निभायी.
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