बेकार पड़ी चौर जमीन से होगी कमाई, सरकार देगी 30 से 70% तक सब्सिडी
चौर में जमीन और तालाब, फोटो- सांकेतिक, सोर्स- सोशल मीडिया
चौर की बंजर जमीन पर अब तालाब बनाकर किसान मछली पालन कर सकेंगे. योजना के तहत जिले में 54 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य रखा गया है और किसानों को श्रेणी के अनुसार 30 से 70 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा.
दरभंगा न्यूज: जिले के विभिन्न प्रखंडों की बेकार पड़ी चौर भूमि अब किसानों की आमदनी बढ़ाने का जरिया बन सकती है. मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना के तहत यहां तालाब निर्माण और भूमि विकास के लिए किसानों को 30 से 70 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा. जिले में योजना के तहत 54 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
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54 हेक्टेयर में होगा चौर विकास
योजना के तहत जिले में 54 हेक्टेयर भूमि विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है. इसमें सामान्य वर्ग के लिए 39 हेक्टेयर, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए चार हेक्टेयर और अनुसूचित जाति के लिए 11 हेक्टेयर शामिल है. पूरक योजना के तहत नौ हेक्टेयर का अतिरिक्त लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है.
तीन मॉडल से बनेगा तालाब
चौर क्षेत्र की जमीन के समेकित विकास के लिए तीन मॉडल तय किए गए हैं. एक हेक्टेयर भूमि में दो तालाब, चार तालाब अथवा एक तालाब निर्माण के साथ भूमि विकास का विकल्प दिया गया है. दो तालाब वाले मॉडल की लागत 8.80 लाख रुपये, चार तालाब के लिए 7.32 लाख रुपये और एक तालाब व भूमि विकास मॉडल की लागत 9.69 लाख रुपये निर्धारित है.
किसे कितना मिलेगा अनुदान?
योजना में लाभुकों की श्रेणी के अनुसार अनुदान तय किया गया है. सामान्य वर्ग के किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा. अत्यंत पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लाभुकों को 70 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है. वहीं उद्यमी आधारित योजना में 30 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा.
मत्स्य पालन के साथ बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
योजना का उद्देश्य चौर क्षेत्र की बेकार और बंजर जमीन का बेहतर इस्तेमाल कर मत्स्य पालन को बढ़ावा देना है. तालाब बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में मछली उत्पादन बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. इससे दूसरे राज्यों से मछली मंगाने पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
इसके साथ ही निजी चौर जल क्षेत्र में कृषि, बागवानी और कृषि वानिकी को बढ़ावा देने की भी योजना है. लाभुक आधारित और उद्यमी आधारित चौर विकास पर भी विभाग का जोर है.
30 नवंबर तक कर सकते हैं आवेदन

जिला मत्स्य पदाधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान 30 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के समय सभी जरूरी दस्तावेज लगाना अनिवार्य होगा. आवेदन के बाद लाभुकों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा. सत्यापन पूरा होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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