पहले खरीद कर लायें बोतल बंद पानी, तब करें रक्तदान
Author Prabhat khabar digital desk
Updated:
विज्ञापन
एक पखवाड़ा से रिफ्रेशमेंट मिलना बंद शौचालय की भी व्यवस्था नहीं विभाग की समस्या के निदान को आज तक सार्थक प्रयास नहीं दरभंगा : रक्तदान सबसे बड़ा दान है. मानवता की सेवा इससे बड़ी कोई दूसरी नहीं. इस तरह की बातों से लोगों को इस दिशा में प्रेरित करने के लिए न केवल सामाजिक संस्थाएं […]
विज्ञापन
एक पखवाड़ा से रिफ्रेशमेंट मिलना बंद
विज्ञापन
शौचालय की भी व्यवस्था नहीं
विभाग की समस्या के निदान को आज तक सार्थक प्रयास नहीं
दरभंगा : रक्तदान सबसे बड़ा दान है. मानवता की सेवा इससे बड़ी कोई दूसरी नहीं. इस तरह की बातों से लोगों को इस दिशा में प्रेरित करने के लिए न केवल सामाजिक संस्थाएं बल्कि सरकार तक खूब प्रयास कर रही है, लेकिन जो रक्तदान करने आते हैं, उनकी सुविधा के प्रति महकमा संवेदनहीन बना बैठा है.
इसका प्रमाण डीएमसीएच के रक्त अधिकोष में इन दिनों मिल रहा है. यहां रक्तदान करने आनेवालों के लिए महज एक बोतल पानी तक की व्यवस्था विभाग की ओर से नहीं की जाती. बल्ड डोनर (रक्तदाता) को खुद पानी का बोतल खरीद कर लाना पड़ता है. इसके लिए विभागीय कर्मियों व पदाधिकारियों की इच्छा शक्ति का अभाव मुख्य वजह है.
डीएमसीएच के रक्त अधिकोष विभाग में बल्ड डोनेट करने के लिए रोजाना 30 से 35 रक्तदाता आते हैं. बल्ड डोनेट करने से पहले विभाग के कर्मी के द्वारा उनको बोतल का पानी खरीद कर लाने के लिए कहा जाता है. लिहाजा रक्तदाताओं को बोतल बंद पानी के साथ पहुंचना पड़ता है. विशेषज्ञों के अुनसार रक्त देने के बाद रक्तदाताओं के शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है. उनमें डिहाइड्रेशन की आशंका रहती है. इसलिये रक्तदाताओं को रक्त देने से पहले या बाद में एक लीटर पानी पीना चाहिये, लेकिन विभाग में वर्षों से पेयजल की समस्या बनी हुई है. इसके अलावा विभाग कई अन्य बुनियादी समस्याओं से भी जूझ रहा है.
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन