डीएमसीएच का हाल: वेंटीलेटर पर आइसीयू, ओटी की हालत ठीक नहीं

Published at :06 Jun 2017 4:40 AM (IST)
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डीएमसीएच का हाल: वेंटीलेटर पर आइसीयू, ओटी की हालत ठीक नहीं

दरभंगा : उत्तर बिहार का सबसे बड़ा अस्पताल डीएमसीएच पिछले दो दशक से अपनी बदहाली पर आंसू बहा है. एक जमाने में नेपाल की तराई से लेकर उत्तर बिहार के मरीजों के बेहतर इलाज के लिये डीएमसीएच का देश-विदेश में डंका बजता था. लेकिन आज हालात बिल्कुल उलट है. अस्पताल प्रशासन की लापरवाही और सरकार […]

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दरभंगा : उत्तर बिहार का सबसे बड़ा अस्पताल डीएमसीएच पिछले दो दशक से अपनी बदहाली पर आंसू बहा है. एक जमाने में नेपाल की तराई से लेकर उत्तर बिहार के मरीजों के बेहतर इलाज के लिये डीएमसीएच का देश-विदेश में डंका बजता था. लेकिन आज हालात बिल्कुल उलट है. अस्पताल प्रशासन की लापरवाही और सरकार की उदासीनता के कारण डीएमसीएच का बुरा हाल है. चारो तरफ गंदगी का अंबार, समय से वरीय चिकित्सकों का नहीं आना और नर्सिंग स्टाफ द्वारा मरीजों का फॉलोअप नहीं करना,

मशीन उपकरणों का कबारखाना में तब्दील होने के कारण अब डीएमसीएच के इलाज पर मरीजों को भी भरोसा उठ गया है. सबसे बुरा हाल तो यह है कि गंभीर मरीजों के इलाज के लिये डीएमसीएच के सर्जरी, मेडीसीन, स्त्री एवं प्रसूती रोग विभाग में करोड़ो रुपये की लागत से इंटेंसिव केयर यूनिट का स्थापना किया लेकिन, स्थापना काल से ही आईसीयू की स्थिति बदहाल है.

आईसीयू की बदहाल स्थिति पर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने कड़ा रूख अख्तियार किया है. रिपोर्ट में एमसीआई ने अन्य कमियों के अलावा आईसीयू की बदहाल स्थिति पर तीखी टिप्पणी के साथ एमबीबीएस की मान्यता पर भी प्रश्न खड़े किये हैं.

आइसीयू की अधिकांश जीवन रक्षक मशीनें बेकार : डीएमसीएच के सर्जरी, मेडिसीन व स्त्री एवं प्रसूती रोग विभाग के आईसीयू में इलाजरत मरीज भगवान भरोसे ही रहते हैं. आईसीयू का अधिकांश कार्डियक मॉनीटर, डीफीबीलेटर, ईसीजी मशीन बेकार पड़ा है. साथ ही आईसीयू में मरीजों के परिजन का बेरोकटोक आना जाना जारी रहता है. इसके कारण आईसीयू में हर हमेशा इंफेक्शन फैलने का खतरा रहता है. इंफक्शन के कारण मरीजों की जान पर भी बन आती है लेकिन अस्पताल प्रशासन कोई कदम नहीं उठाता है. इसको लेकर एमसीआई ने तल्ख तेवर अख्तियार की है.
डीएमसीएच के जेनरल सर्जरी ओटी और आईसीयू का अधिकांश एसी काफी दिनों से खराब पड़ा है. एसी खराब होने के कारण ऑपरेशन के समय जहां मरीजों को परेशानी होती है. वहीं चिकित्सक को भी हाथ के पंखे का सहारा लेना पड़ता है.
मरीजों ने कहा : मेडीसीन आईसीयू में भर्ती मरीज के परिजन सुष्मा कुमारी, मनोज कुमार व रोहित कुमार ने बताया कि आईसीयू का तमाम एसी खराब है. भीषण गर्मी में यहां के सभी पंखे भी नहीं चलते हैं. सर्जरी आईसीयू में भर्ती मरीज के परिजन गीता देवी ने बताया कि एसी नहीं रहने के कारण परेशानी तो है ही. सबसे ज्यादा परेशानी चूहा से होता है. स्थापना के बाद से ही यह आईसीयू वेंटीलेटर पर है.
निरीक्षण रिपोर्ट में एमसीआइ ने की तीखी टिप्पणी
एमबीबीएस की मान्यता पर लटका तलवार
दुरुस्त करने को लिखा है संवेदक को पत्र
आईसीयू में बहुत सारे मशीन उपकरण लगे हुये हैं. समय-समय पर कुछ खराब होता रहता है. खराब होने के बाद उसे दुरूस्त किया जाता है. उसे दुरूस्त करने के लिये संवेदक को पत्र लिखा गया है.
डॉ. संतोष कुमार मिश्रा, अधीक्षक, डीएमसीएच
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