86 जानवरों और 145 पक्षियों की प्रजातियों का करें दीदार
बेतिया : राज्य के इकलौते और शानदार वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में 86 तरह के जानवर और पक्षियों की 145 प्रजातियां मौजूद हैं. यहां हाल ही में नयी प्रजाति का सांप पाया गया है, इसका नाम रेड कोरल खूकती स्नेक है. यहां से पहले यह सांप मालाबार ओडिशा और दुधवा में पाया जाता था. यहां […]
बेतिया : राज्य के इकलौते और शानदार वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में 86 तरह के जानवर और पक्षियों की 145 प्रजातियां मौजूद हैं. यहां हाल ही में नयी प्रजाति का सांप पाया गया है, इसका नाम रेड कोरल खूकती स्नेक है. यहां से पहले यह सांप मालाबार ओडिशा और दुधवा में पाया जाता था.
आपके शहर में
यहां पाया जाने वाला वाइल्ड डॉग केवल उत्तर भारत में कार्बेट, राजाजी, पीलीभीत और दुधवा नेशनल पार्क में ही मौजूद है. वन्यजीवों के आंकड़ों को सुरक्षित रखने के लिए डब्लूआइआइ द्वारा बनाये गये एम स्ट्राइप एप में वाइल्ड डॉग का नाम नहीं रखा गया था. इस पर वीटीआर के अधिकारियों ने डब्लूआइआइ को शिकायत भेज कर इसमें वाइल्ड डॉग का नाम दर्ज करवाया है.
15 जून तक चलेगा पर्यटन सीजन
इस साल वीटीआर का पर्यटन सीजन 15 नवंबर से शुरू हो गया है. उपमुख्यमंत्री सह पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री सुशील कुमार मोदी ने रविवार को वीटीआर में इसकी औपचारिक शुरुआत की.
यह सीजन अगले साल मॉनसून के पहले या करीब 15 जून तक चालू रहेगा. इस दौरान यहां पर्यटकों के रहने, खाने और घूमने की अच्छी व्यवस्था की गयी है. यहां हर साल पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है. उनकी सुविधा के लिए ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था विकसित की गयी है.
वीटीआर की वेबसाइट पर इसकी पूरी जानकारी मौजूद है. करीब 900 वर्ग किलोमीटर इलाके में वीटीआर को अलग-अलग भागों में बांटा गया है. इसमें खासकर मांगुराहा और गोवर्धना भी शामिल हैं.
वीटीआर मुख्य कैंपस में एक साथ करीब 50 लोगों के रुकने की बेहतरीन व्यवस्था की गयी है. साथ ही उनके खाने के लिए कैंटीन की सुविधा भी उपलब्ध है. 2018 के आंकड़ों के अनुसार वीटीआर में 31 बाघ और उनके 10 बच्चे मौजूद हैं. यह क्षेत्र धार्मिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है.
यहां से कुछ ही दूरी पर नेपाल के इलाके में महर्षि वाल्मीकि आश्रम है. प्रचलित है कि महर्षि वाल्मीकि ने वहीं रामायण की रचना की थी. साथ ही भगवान राम के पुत्र लव और कुश का जन्म भी वही हुआ.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए