14 वर्षों बाद बैंक घोटाले की जांच का िजम्मा इओयू को

मोतिहारी : उत्तर बिहार में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की दर्जन भर शाखाओं में 32 लाख के घोटाले की जांच आर्थिक अपराध इकाई को सौंपी गयी है. अनुसंधान की मॉनीटरिंग आर्थिक अपराध इकाई के आइजी जीएस गंगवार का रहे हैं. यह घोटाला बैंक कर्मियों व मुजफ्फरपुर के ओरिजीन एक्सप्रेस कूरियर कंपनी के कर्मियों की मिलीभगत […]
मोतिहारी : उत्तर बिहार में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की दर्जन भर शाखाओं में 32 लाख के घोटाले की जांच आर्थिक अपराध इकाई को सौंपी गयी है. अनुसंधान की मॉनीटरिंग आर्थिक अपराध इकाई के आइजी जीएस गंगवार का रहे हैं. यह घोटाला बैंक कर्मियों व मुजफ्फरपुर के ओरिजीन एक्सप्रेस कूरियर कंपनी के कर्मियों की मिलीभगत से हुआ था. यह मामला 14 साल पुराना है. आर्थिक अपराध इकाई के साथ मोतिहारी जिले के तेज तर्रार पुलिस पदाधिकारियों को अनुसंधान में लगाया गया है. आर्थिक अपराध को घोटाले की जांच का जिम्मा मिलने के बाद अनुसंधान में तेजी आयी है.
घोटाले के मुख्य आरोपित कूरियर कंपनी के शशिभूषण सिंह की गिरफ्तारी को मोतिहारी पुलिस की टीम ने शुक्रवार को पटना के बाढ़ धरवाहाचक गांव स्थित उसके घर पर छापेमारी की, लेकिन सफलता नहीं मिली. शशिभूषण ओरिजीन एक्सप्रेस कूरियर कंपनी का फ्रेंचाइजी लिया था. मुजफ्फरपुर में रह कर सिकंदरपुर में उसने कूरियर कंपनी खोल रखी थी. जांच अधिकारी मुफस्सिल इंस्पेक्टर सतीशचंद्र माधव ने बताया कि आरोपित शशिभूषण सिंह के घर की कुर्की हो चुकी है. गिरफ्तारी के साथ उसके नाम व पते के सत्यापन को लेकर दारोगा मनोज कुमार को उसके गांव बाढ़ धरवाहाचक भेजा गया था, लेकिन वह नहीं मिला.उसके परिजनों से पूछताछ की गयी. परिजनों ने बताया कि शशिभूषण के घर आये वर्षों हो गये.
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