दरभंगा को मिला बड़ा उपहार, एयरपोर्ट के पास खुलेगा एविएशन सर्विस इंस्टीट्यूट, ज्योतिरादित्य से मिले संजय

Author Ashish jha
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दरभंगा को एक और केंद्रीय संस्थान मिलने जा रहा है. डाक प्रशिक्षण संस्थान के बाद दरभंगा में यह दूसरा केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान होगा. यहां एविएशन सेक्टर के विभिन्न सिविल सेवाओं के लिए युवाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा.

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आशीष झा, दरभंगा. दरभंगा को एक और केंद्रीय संस्थान मिलने जा रहा है. डाक प्रशिक्षण संस्थान के बाद दरभंगा में यह दूसरा केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान होगा. यहां एविएशन सेक्टर के विभिन्न सिविल सेवाओं के लिए युवाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा. दरभंगा में इस प्रकार के एक प्रशिक्षण संस्थान खोलने के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार विचार कर रही है. दरभंगा में प्रस्तावित प्रशिक्षण संस्थान में मुख्य रूप में ग्राउंड ड्यूटी स्टाफ जैसे पदों के लिए युवाओं को ट्रेनिंग दी जायेगी. अभी एविएशन सेक्टर में ऐसे पदों के लिए प्रशिक्षित युवाओं की भारी कमी देखी जा रही है और देश में ऐसे रोजगार के लिए ट्रेनिंग देनेवाले केंद्रीय संस्थान का भी अभाव है.

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संजय झा ने रखा ज्योतिरादित्य के सामने प्रस्ताव

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय झा ने पिछले दिनों दिल्ली में केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान बिहार सरकार के मंत्री ने केंद्रीय उड्डयन मंत्री से इस संस्थान के संबंध में प्रस्ताव पर विचार करने का आग्रह किया. मंत्री संजय झा ने कहा कि दरभंगा एयरपोर्ट का विकास होना अभी बाकी है. देश में खासकर बिहार में एविएशन का तेजी से विकास हो रहा है. एयरपोर्ट पर सिविल सेवाओं के लिए अधिक प्रशिक्षित लोगों की जरुरत होगी. ऐसे में दरभंगा एयरपोर्ट के विकास के साथ-साथ वहां सिविल एविएशन सेवाओं से संबंधित एक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोलने पर विचार होना चाहिए. संजय झा की ओर से रखे गये इस प्रस्ताव पर केंद्रीय उड्डयन मंत्री ने आश्वासन दिया है कि वे इस सुझाव पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं.

दरभंगा एयरपोर्ट का विकास होना अभी बाकी
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प्रस्ताव के संबंध में मंत्री संजय झा कहते हैं कि दरभंगा एयरपोर्ट पर अभी बहुत सारी संभावनाएं हैं. इस एयरपोर्ट का विकास अभी होना है. देश में आज एविएशन इंडस्ट्री में मुख्य रूप से पायलट, एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर, केबिन क्रू जैसे एयर-होस्टेस, फ्लाइट स्टीवर्ड के प्रशिक्षण के लिए कई संस्थाएं हैं, लेकिन ग्राउंड ड्यूटी स्टाफ जैसे पदों में रोजगार ज्यादा है और इसके लिए बहुत कम प्रशिक्षण संस्थाएं हैं. ऐसे पदों के लिए युवाओं को प्रशिक्षित करने जरुरत है. इसके लिए बहुत जमीन की भी जरुरत नहीं है. दरभंगा एयरपोर्ट के आसपास इस संस्थान लायक प्रयाप्त जमीन है. केंद्रीय उड्डयन मंत्री ने प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की है.

दरभंगा में प्रशिक्षित युवा देंगे देश भर में सेवा

संजय झा ने कहा कि हम यहां से काग्रो सेवा शुरू करने का आग्रह भी केंद्र सरकार से कर रहे हैं. अगर दरभंगा से कार्गो सेवा की शुरुआत हो जाती है, तो न केवल यहां के उत्पादों को दुनिया का बाजार मिलेगा, बल्कि यहां के युवाओं को रोजगार भी मिलेगा. एयरपोर्ट के बाहर अगर अमेजॉन जैसी कंपनियां अपना वेयर हाउस खोलगी, वहीं एयरपोर्ट के अंदर कार्गो स्टाफ, कार्गो इंस्पेटर, कार्गो लोडिंग, कार्गो सेफ्टी जैसे पद पर यहां के युवाओं को नौकरी मिलेगी. संजय झा ने कहा कि दरभंगा में प्रस्तावित संसथान में फ्लाइट डिस्पैचर, कॉमर्शियल स्टाफ, मार्सलेर जैसे पदों के लिए ट्रेनिंग दी जायेगी. एविएशन से जुड़े इन पेशों में बिहार खासकर मिथिला के युवाओं की हिस्सेदारी अभी बहुत कम है, दरभंगा एयरपोर्ट पर भी कोलकाता से आकर लोग काम कर रहे हैं. संस्थान के खुलने से दरभंगा में प्रशिक्षित युवा देश भर में सेवा देंगे.

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