बक्सर में विशेष सर्वे बंदोबस्त शिविर की खुली पोल, 10 बजे खुला कार्यालय लेकिन गायब मिले अधिकारी-कर्मचारी

Updated:
विज्ञापन

फोटो - खाली पड़ा कुर्सी | Prabhat Khabar Network

बक्सर के विशेष सर्वे बंदोबस्त शिविर में अधिकारी और कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचे, जिससे काम के लिए आए लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

विज्ञापन

Buxar News : सदर प्रखंड के विशेष सर्वे बंदोबस्त शिविर कार्यालय में शनिवार को निर्धारित समय पर अधिकारी और कर्मचारियों के नहीं पहुंचने से कामकाज प्रभावित रहा. कार्यालय खुलने का समय सुबह 10 बजे निर्धारित है, लेकिन 10.05 बजे तक शिविर प्रभारी समेत अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय से गायब मिले. इस दौरान अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे लोगों को अधिकारियों के आने का इंतजार करना पड़ा.

आपके शहर में

विज्ञापन

10.05 बजे खाली मिलीं अधिकारी-कर्मियों की कुर्सियां

विशेष सर्वे बंदोबस्त शिविर कार्यालय को कुछ दिन पहले सदर प्रखंड परिसर से चुरामनपुर पंचायत सरकार भवन में स्थानांतरित किया गया है. शनिवार को सुबह 10.05 बजे जायजा लेने पर कार्यालय खुला मिला, लेकिन शिविर प्रभारी समेत अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी मौजूद नहीं थे. मौके पर केवल कर्मचारी अविनाश कुमार पासवान मौजूद मिले.

फोन करने के 17 मिनट बाद पहुंचीं शिविर प्रभारी

अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के बारे में पूछे जाने पर अविनाश कुमार पासवान ने तत्काल शिविर प्रभारी सीमा कुमारी को फोन कर कार्यालय की स्थिति की जानकारी दी. इसके करीब 17 मिनट बाद सुबह 10.22 बजे शिविर प्रभारी कार्यालय पहुंचीं. उनके पहुंचने से पहले कई अमीन भी कार्यालय में उनका इंतजार करते नजर आये.

10.40 बजे तक कई अमीन पहुंचे, फिर निकले सर्वे के लिए

कार्यालय में कुछ अमीन सुबह 10.40 बजे के आसपास पहुंचे और अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद क्षेत्र में सर्वे कार्य के लिए निकल गये. इस दौरान कई ग्रामीण जमीन से जुड़े मामलों और दस्तावेजों की समस्या लेकर कार्यालय पहुंचे थे. अधिकारियों की गैरमौजूदगी के कारण उन्हें इंतजार करना पड़ा.

देर से आने पर कार्रवाई का है प्रावधान

शिविर प्रभारी सीमा कुमारी से जब कार्यालय में देर से पहुंचने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए मुख्यालय से जानकारी लेने की बात कही. वहीं, मुख्यालय के वरीय अधिकारी ने बताया कि निर्धारित समय से देर से आने वाले अधिकारी या कर्मचारी के बचे हुए सीएल का समायोजन किया जा सकता है. जरूरत पड़ने पर वेतन में कटौती की कार्रवाई भी संभव है.

जब समय 10 बजे है तो अधिकारी-कर्मचारी देर से क्यों पहुंचे?

विशेष सर्वे के तहत जमीन से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए ग्रामीण लगातार शिविर कार्यालय पहुंच रहे हैं. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब कार्यालय खुलने का समय सुबह 10 बजे निर्धारित है, तो अधिकारी और कर्मचारी समय पर क्यों नहीं पहुंच रहे हैं? वहीं, देर से आने वाले कर्मियों पर नियमित रूप से कार्रवाई क्यों नहीं होती, यह भी सवालों के घेरे में है.

फोटो - खाली पड़ा कुर्सी | Prabhat Khabar Network
फोटो - खाली पड़ा कुर्सी | Prabhat Khabar Network


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन