राजपुर में स्वच्छता कर्मियों का प्रशिक्षण, चार रंगों के डस्टबिन और कचरा प्रबंधन की दी जानकारी

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कचरा प्रबंधन की जानकारी देते प्रशिक्षक | Prabhat Khabar Network

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Buxar News : राजपुर प्रखंड में स्वच्छता कर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित हुई. इसमें चार रंगों के डस्टबिन के इस्तेमाल और कचरे से खाद बनाने की विधियों की जानकारी दी गई.

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Buxar News : राजपुर प्रखंड सभा कक्ष में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता कर्मियों के लिए एक दिवसीय प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन बीडीओ मनोज कुमार ने किया. उन्होंने स्वच्छता कर्मियों से अपने दायित्वों के प्रति सजग रहते हुए नियमित रूप से स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने की अपील की.

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कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे स्वच्छता समन्वयक रूपेश सिंह ने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी स्वच्छता योजना अब धरातल पर दिखाई देने लगी है. उन्होंने सभी क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई और नियमानुसार कचरा प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये.

चार रंगों के डस्टबिन में अलग-अलग रखा जाएगा कचरा

प्रशिक्षक भीम कुमार एवं प्रियरंजन चितरंजन ने कचरा प्रबंधन की नयी तकनीकों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अब हर घर में दो के बजाय चार रंगों के डस्टबिन रखने की व्यवस्था की जा रही है. हरे डिब्बे में गीला कचरा, नीले डिब्बे में सूखा कचरा, लाल डिब्बे में मेडिकल एवं चिकित्सीय कचरा तथा काले डिब्बे में विषैले और हानिकारक कचरे को रखा जाएगा.

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पॉलीथीन का बहिष्कार कर कपड़े का झोला अपनाने पर जोर

प्रशिक्षण के दौरान बढ़ते कचरे को कम करने के लिए 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत जन-जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया. लोगों से बाजार जाते समय पॉलीथीन का बहिष्कार करने और घर से कपड़े का झोला लेकर जाने की अपील की गयी.

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घरेलू कचरे से खाद बनाने की बतायी विधि

प्रशिक्षकों ने घरेलू कचरे से खाद बनाने की विधि की भी जानकारी दी. बताया गया कि घर के पास छोटा गड्ढा खोदकर उसमें सब्जियों के छिलके समेत अन्य जैविक कचरा डालकर खाद तैयार की जा सकती है. इसके अलावा भूजल रिचार्ज के लिए छह फीट गहरा 'सोख्ता पिट' जंक्शन चैंबर के साथ बनाने की वैज्ञानिक विधि भी बतायी गयी.

स्वच्छता कर्मी रहे मौजूद

प्रशिक्षण कार्यशाला में पर्यवेक्षक किरण कुमारी, बिंध्याचल राम, सूर्यनाथ भारती सहित सभी स्वच्छता कर्मी मौजूद रहे.

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