बक्सर: RTI में सूचना मांगने पर डुमरांव पुलिस का इनकार, कांड संख्या 235/24 की जांच प्रभावित होने का दिया हवाला

Updated:
विज्ञापन

डुमरांव थाना | Prabhat Khabar Network

डुमरांव थाना कांड संख्या 235/24 के मामले में पुलिस ने आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना देने से इनकार कर दिया है। जानिए क्या है पूरा मामला और पुलिस का तर्क।

विज्ञापन

Buxar News : सूचना के अधिकार अधिनियम-2005 के तहत डुमरांव थाना कांड संख्या 235/24 से संबंधित जानकारी मांगने वाले आवेदक को पुलिस ने सूचना उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया है. पुलिस ने इसके पीछे मामले के अनुसंधान के प्रभावित होने की आशंका जतायी है. इस संबंध में डुमरांव थाना के पुलिस निरीक्षक-सह-थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने टेढ़ी बाजार, डुमरांव निवासी आवेदक गौतम कुमार को लिखित रूप से जवाब दिया है.

आपके शहर में

विज्ञापन

कांड संख्या 235/24 से जुड़ी सूचना मांगी थी

डुमरांव थाने की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि आवेदक द्वारा मांगी गयी सूचना डुमरांव थाना कांड संख्या 235/24 से संबंधित है. फिलहाल उक्त मामले का अनुसंधान जारी है. पुलिस के अनुसार, इस स्थिति में मांगी गयी सूचना उपलब्ध कराने से अनुसंधान की प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है.

धारा 8(1)(H) का दिया हवाला

पुलिस ने सूचना देने से इनकार करने के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा 8(1)(H) का हवाला दिया है. इस प्रावधान के तहत ऐसी सूचना के प्रकटीकरण से इनकार किया जा सकता है, जिससे किसी मामले की जांच या अपराधियों की गिरफ्तारी अथवा अभियोजन की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका हो.

पुलिस ने अपने जवाब में इसी आधार पर कहा है कि वर्तमान में मामला अनुसंधानाधीन है और मांगी गयी जानकारी देने से जांच प्रभावित हो सकती है. इसलिए फिलहाल संबंधित सूचना उपलब्ध नहीं करायी जा सकती.

एसपी कार्यालय के पत्र के संदर्भ में जारी हुआ जवाब

डुमरांव थाना की ओर से जारी यह जवाब नोडल पदाधिकारी-सह-पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), पुलिस अधीक्षक कार्यालय, बक्सर के ज्ञापांक 394/आरटीआई, दिनांक 19 अगस्त 2026 के संदर्भ में जारी किया गया है. इसके बाद डुमरांव थाने से आवेदक को 31 अगस्त 2026 को लिखित जवाब दिया गया.

अनुसंधान पूरा होने तक नहीं मिलेगी जानकारी

पुलिस के रुख से स्पष्ट है कि कांड संख्या 235/24 का अनुसंधान पूरा होने से पहले उससे जुड़ी मांगी गयी सूचना सार्वजनिक करने से पुलिस फिलहाल बच रही है. पुलिस का तर्क है कि जांच के दौरान संबंधित जानकारी सामने आने से अनुसंधान की दिशा और प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.

RTI आवेदन के जवाब ने खड़े किये सवाल

RTI के तहत मांगी गयी सूचना पर पुलिस की ओर से दिये गये इस जवाब के बाद अब यह मामला चर्चा में है. हालांकि पुलिस ने अपने जवाब में कानून की धारा 8(1)(H) का उल्लेख करते हुए सूचना रोकने का कारण स्पष्ट किया है. अब मामले के अनुसंधान की प्रगति और आगे की कार्रवाई पर भी नजर रहेगी.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन