अपनों का हाल जानने के लिए रही बेचैनी

Published at :21 Nov 2016 7:22 AM (IST)
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अपनों का हाल जानने के लिए रही बेचैनी

ट्रेन हादसा. ट्रेनों की पूछताछ के लिए स्टेशन पर इधर-उधर भटकते रहे लोग, कई ट्रेनें चलीं िवलंब से बक्सर : कानपुर से 57 किलोमीटर पहले पुखरायां स्टेशन के पास इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसे को लेकर रविवार को दिनभर बक्सर स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल रहा. दुर्घटना को लेकर बक्सर आनेवाली ट्रेनें भी लेट रहीं. रेलवे सूत्रों […]

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ट्रेन हादसा. ट्रेनों की पूछताछ के लिए स्टेशन पर इधर-उधर भटकते रहे लोग, कई ट्रेनें चलीं िवलंब से

बक्सर : कानपुर से 57 किलोमीटर पहले पुखरायां स्टेशन के पास इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसे को लेकर रविवार को दिनभर बक्सर स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल रहा. दुर्घटना को लेकर बक्सर आनेवाली ट्रेनें भी लेट रहीं. रेलवे सूत्रों के अनुसार दुर्घटना का असर सोमवार को भी ट्रेनों के परिचालन पर रहेगा. डाउन में चलनेवाली लगभग आधा दर्जन ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 1.5 से दो घंटे तक लेट चलीं. संभवत: सोमवार को भी ट्रेनों की लेट-लतीफी जारी रहेगी.
बताया जाता है कि दुर्घटना में घायल लोगों को लाने के लिए स्पेशल ट्रेन खोली जायेगी. जो रात एक बजे तक बक्सर पहुंचेगी. दुर्घटना में घायल लोगों के लिए बक्सर स्टेशन पर ‘मे आइ हेल्प यू’ का काउंटर खोला गया है, जिसमें इंदौर-पटना में सवार लोगों के लिए सुविधाएं दी जयेंगी. जिला प्रशासन ने लोगों के लिए सदर अस्पताल व रेड क्रॉस के तत्वावधान में एक मेडिकल टीम को तैनात किया है. टीम में सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ ब्रज कुमार सिंह, रेडक्रॉस के श्रवण कुमार, बीडीओ मनोज कुमार व अन्य लोग शामिल हैं, जो घायल लोगों का इलाज करेंगे. लोगों की सुरक्षा के लिए जिलाधिकारी रमण कुमार व पुलिस अधीक्षक उपेंद्र कुमार शर्मा ने बक्सर स्टेशन का दौरा किया. स्टेशन पर उन्होंने लोगों से शांत रहकर प्रशासन की मदद करने की अपील की.
कानपुर में हुए हादसे को लेकर लोगों की सहायता के लिए प्रशासन ने लगाया ‘मे आइ हेल्प यू’ काउंटर
पैनल रूम में पूछताछ करते स्टेशन प्रबंधक. बक्सर स्टेशन पर लगी यात्रियों की भीड़.
अस्त-व्यस्त रहे रेलवे अधिकारी
हादसे को लेकर मुगलसराय-पटना रेल खंड पर रेल परिचालन पूरी तरह ठप रहा. जहां आम लोग परेशान थे, वहीं रेलवे अधिकारी व कर्मचारी यात्रियों को ट्रेनों के हालात की जानकारी देने में परेशान रहे. वहीं, पैनल रूम में भी अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. पैनल रूम के कर्मी लगातार वरीय अधिकारियों से संपर्क में थे. स्टेशन प्रबंधक एमके सिंह ने बताया कि हादसे के कारण किसी भी ट्रेन को रद्द नहीं किया गया है. सभी ट्रेनें देर सबेर चल रही हैं. वहीं, सुरक्षा के लिए आरपीएफ व जीआरपी के जवानों को लगाया गया है, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो.
बाल-बाल बचे आरा के इंजीनियर संजीव
इंदौर से भाई की शादी समारोह में शिरकत करने आ रहे थे. हादसे के चश्मदीद इंजीनियर संजीव अपने आपको खुशनसीब मान रहे हैं. दूरभाष पर संजीव से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि सुबह के तीन बजकर ग्यारह मिनट हुए थे. लोग अभी पूरी तरह नींद के आगोश में थे. मैं एसी बी-वन में सफर कर रहा था कि अचानक तेज आवाज के साथ ही सामान गिरने शुरू हो गये. लोग कुछ समझ पाते कि एक-दूसरे पर गिरने लगे. ट्रेन पटरी से उतरने के बाद काफी देर तक सरकते हुए लगभग तीन सौ फुट तक चली गयी. हादसे के बाद बोगी की सभी लाइटें बुझ गयी थीं. अंधेरे में कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था. सिर्फ चारों तरफ चीख- पुकार ही मची हुई थी. संजीव ने बताया कि इंदौर से भाई की शादी में शामिल होने के लिए आरा आ रहे थे. उन्होंने बताया कि जैसे ही ट्रेन हादसा हुआ. घर के लोगों का फोन आना शुरू हो गया. किसी तरह आधे घंटे के बाद मोबाइल से घरवालों को सूचना दी गयी. परिजनों से बातचीत होने के बाद जी में जी आया. घरवालों ने भगवान की लाख-लाख शुक्रिया अदा की.
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