भाई की जान लेने के पहले पिता पर भी हमला कर चुका है आरोपित

Published at :20 Jul 2016 7:33 AM (IST)
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भाई की जान लेने के पहले पिता पर भी हमला कर चुका है आरोपित

समय पर नहीं पहुंचते पंचायत प्रतिनिधि, तो गिर जातीं कई लाशें अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कर रही छापेमारी ब्रह्मपुर : ट्रैक्टर के हिस्से को लेकर भाई की जान लेने वाला रामजी पहले भी मारपीट कर चुका है. छोटे भाई से पहले वह पिता पर हमला कर चुका है. तब उसके द्वारा करेंट […]

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समय पर नहीं पहुंचते पंचायत प्रतिनिधि, तो गिर जातीं कई लाशें

अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कर रही छापेमारी
ब्रह्मपुर : ट्रैक्टर के हिस्से को लेकर भाई की जान लेने वाला रामजी पहले भी मारपीट कर चुका है. छोटे भाई से पहले वह पिता पर हमला कर चुका है. तब उसके द्वारा करेंट प्रवाहित तार सटा कर अपने पिता की जान लेने की कोशिश की गयी थी. इसको लेकर ब्रह्मपुर थाने में उसके पिता दीनानाथ द्वारा उसके खिलाफ एफआइआर भी दर्ज करायी गयी थी. हालांकि पुलिस की लापरवाही के कारण उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी.
रामजी के पिता दीनानाथ ने बताया कि सभी भाइयों के बीच काफी दिनों से विवाद चल रहा था. इसी को लेकर करीब एक माह पहले रामजी यादव द्वारा उसकी हत्या करने का प्रयास किया गया था. बेटे की हत्या से दुखी दीनानाथ ने इसके लिए स्थानीय थाने की पुलिस को जिम्मेवार ठहराया. उनका कहना था कि अगर पुलिस पहले ही उसको गिरफ्तार कर लेती, तो आज ऐसी नौबत नहीं आती. वहीं लोगों की मानें तो दोनों भाइयों के बीच विवाद की खबर मिलने पर निमेज पंचायत के सरपंच संजय ओझा एवं योगिया पंचायत के सरपंच बांके बिहारी सिंह पहुंच गये, वरना कई लाशें गिर जाती. बाद में पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी और रामजी यादव व मुन्ना यादव को गिरफ्तार कर लिया.
हत्या के मामले में पांच पर एफआइआर : बंटवारे के विवाद में मंगलवार को ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के रामगढ़ डेरा गांव में पांच लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करायी गयी है. मृतक की पत्नी लीलावती देवी के बयान पर बड़े भाई रामजी यादव व मुन्ना यादव सहित पांच लोगों को आरोपित किया गया है. इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रामजी यादव व मुन्ना यादव को गिरफ्तार कर लिया है. अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.
बता दें कि बंटवारे के विवाद में मंगलवार को दीनानाथ यादव के पुत्र रामजी यादव व कृष्णानंद यादव के बीच मारपीट हुई थी. इसके बाद रामजी यादव द्वारा चाकू से गोद कर कृष्णांनद यादव की हत्या कर दी गयी थी.
पुलिस की गाड़ी से नहीं भागता तो बच जाती कृष्णानंद की जान
रमागढ़ डेरा निवासी कृष्णानंद यादव अगर पुलिस की गाड़ी से नहीं भागता, तो शायद उसकी जान बच जाती. जानकारी के अनुसार मंगलवार की सुबह करीब नौ बजे रामजी यादव व कृष्णानंद यादव के बीच झगड़ा हो रहा था. इसकी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गयी और दोनों को जीप पर बैठा कर ले जाने लगी.
इस बीच कृष्णानंद यादव पुलिस की गाड़ी से कूद कर भाग खड़ा हुआ और फिर से मारपीट पर उतर गया. इसके बाद रामजी यादव भी गाड़ी से उतर गया और दोनों के बीच मारपीट होने लगी. सूत्रों की माने तो इस दौरान घर की एक लड़की द्वारा रामजी को चाकू थमा दिया गया. उसके बाद रामजी ने अपने छोटे भाई पर चाकू से हमला कर दिया. वहीं मारपीट की इस घटना में रामजी यादव, उसके पिता दीनानाथ यादव, मुन्ना यादव, सुनील यादव व रेखा कुमारी को भी चोटें आयी हैं.
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