केरोसिन की सप्लाइ बंद

Published at :08 Jan 2016 2:30 AM (IST)
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केरोसिन की सप्लाइ बंद

जिले में आइओसी ने केरोसिन की सप्लाइ बंद कर दी है. सप्लाइ क्यों बंद की गयी है, इसके पीछे विभागीय सूत्र कागजात में कमी बता रहे हैं. वहीं, जिले के 332 बिजली विहीन गांवों में रहनेवाले गरीब परिवारों में केरोसिन नहीं रहने से शाम होते ही अंधेरा छा जा रहा है. लोग सूर्य अस्त होने […]

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जिले में आइओसी ने केरोसिन की सप्लाइ बंद कर दी है. सप्लाइ क्यों बंद की गयी है, इसके पीछे विभागीय सूत्र कागजात में कमी बता रहे हैं. वहीं, जिले के 332 बिजली विहीन गांवों में रहनेवाले गरीब परिवारों में केरोसिन नहीं रहने से शाम होते ही अंधेरा छा जा रहा है. लोग सूर्य अस्त होने से पहले ही घर का सारा काम समेट भोजन कर विस्तर पर चले जा रहे हैं.

बक्सर : केरोसिन की आपूर्ति आइओसी द्वारा बंद किये जाने से बक्सर जिले में केरोसिन की किल्लत हो गयी है. हालांकि पिछले महीने केरोसिन के आवंटन का शत-प्रतिशत उठाव हो गया था, जिससे बाजार में सस्ते-महंगे में मजबूरीवश लोग खरीद रहे हैं. सूत्र बताते हैं कि आइओसी द्वारा कागजात की जांच व अन्य कारणों से जनवरी महीने का अब तक आवंटन नहीं मिला है.डुमरांव अनुमंडल में पिछले चार महीने से केरोसिन का संकट गहराया हुआ है.
क्योंकि डुमरांव अनुमंडल मुख्यालय की एक मात्र एजेंसी मेट्रो ऑयल के मालिक शिव कुमार खेमानी के निधन के बाद वहां के उपभोक्ताओं और ठेला वेंडरों का केरोसिन दूसरे स्थानों से टैग किया गया है, जिससे परेशानी हो रही है.
इन्हें की जाती है केरोसिन की आपूर्ति : जानकारी के अनुसार जिले में एपीएल और बीपीएल के तीन लाख 68 हजार 817 कूपनधारी हैं, जिन्हें केरोसिन की आपूर्ति की जाती है. सबसे ज्यादा परेशानी जिले के 332 बिजली विहीन गांवों में रहनेवाले लोगों की है, जिसमें डुमरांव अनुमंडल के 148 और बक्सर अनुमंडल के 184 बेचिरागी गांव शामिल हैं. इन गांवों में आज तक बिजली नहीं पहुंची है.
इन गांवों के लोग केरोसिन के ही सहारे घरों में चिराग जला पाते हैं. पिछले कुछ दिनों से इन गांवों के लोगों की हालत यह हो गयी है कि सूर्य ढलने से पहले ही भोजन कर ले रहे हैं. वहीं, जो कुछ पैसेवाले परिवार के लोग हैं, वे बाजार से महंगे दामों पर केरोसिन खरीद रहे हैं.
जिले में 1140 केएल है केरोसिन का आवंटन : बक्सर जिले में कुल 1140 केएल केरोसिन का आवंटन है, जिसे जिले की चार केरोसिन एजेंसियों द्वारा फिलहाल बिक्री की जा रही है. बक्सर में आरकेबीके एजेंसी व बक्सर कुटीर उद्योग, राजपुर में शशांक ऑयल एजेंसी, रघुनाथपुर में द्वारिका प्रसाद ऑयल एजेंसी से फिलहाल काम चल रहा है. क्योंकि डुमरांव की मेट्रो एजेंसी के बंद होने से रघुनाथपुर और कुटीर उद्योग से उपभोक्ताओं को टैग किया गया है.
तीन लाख परिवार है एपीएल व बीपीएल में : जिले में लाभांवित परिवारों पर अगर नजर डाली जाये, तो एपीएल-बीपीएल के तीन लाख 68 हजार 817 कार्डधारी हैं और अंत्योदय योजना में ग्रामीण क्षेत्रों में बीपीएल के एक लाख 55 हजार 116 परिवार हैं. जबकि एपीएल के ग्रामीण क्षेत्रों में एक लाख 86 हजार 22 परिवार हैं.
अंत्योदय अन्य योजना में 27 हजार 679 परिवार हैं. जबकि अन्नपूर्णा योजना के 2900 परिवार जिले में हैं. इन परिवारों के बीच प्रति परिवार प्रति माह ग्रामीण क्षेत्रों में पौने तीन लीटर और शहरी क्षेत्रों में सवा दो लीटर केरोसिन की आपूर्ति सरकार द्वारा की जाती है.
क्या कहते हैं जिला आपूर्ति पदाधिकारी
जिला आपूर्ति पदाधिकारी शिशिर कुमार मिश्रा कहते हैं कि पिछले महीने केरोसिन का पूरा उठाव हुआ था. इस महीने आइओसी की रोक के कारण उठाव नहीं हो पा रहा है. उन्होंने कहा कि केरोसिन मिलते ही आपूर्ति व्यवस्था ठीक हो जायेगी और लाभुकों को पहले की तरह केरोसिन मिलने लगेगा.
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