बक्सर: वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज में 15 दिवसीय एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन प्रशिक्षण संपन्न, 4 जिलों के 60 इनपुट डीलर हुए सफल

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समापन समारोह में डीलरों को प्रमाण पत्र प्रदान करते प्राचार्य डॉ. पारस | Prabhat Khabar Network

वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय डुमरांव में 15 दिवसीय एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन प्रशिक्षण का समापन हुआ, जिसमें 60 इनपुट डीलरों को प्रमाण पत्र दिए गए.

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Buxar News: जिले के डुमरांव स्थित वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय में इनपुट डीलरों के लिए आयोजित 15 दिवसीय आवासीय 'एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन' (Integrated Nutrient Management) प्रशिक्षण कार्यक्रम का गुरुवार को विधिवत समापन हो गया. समापन समारोह महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पारस नाथ की अध्यक्षता में संपन्न हुआ.

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इस आवासीय प्रशिक्षण शिविर में कैमूर, बक्सर, भोजपुर और रोहतास जिले के कुल 60 इनपुट डीलरों (56 पुरुष एवं 4 महिला) ने भाग लिया और आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया.

मूल्यांकन परीक्षा में सभी 60 डीलर उत्तीर्ण, मिला प्रमाण पत्र

समापन समारोह की शुरुआत प्रतिभागियों द्वारा प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए तकनीकी अनुभवों और फीडबैक को साझा करने के साथ हुई. प्रशिक्षण के अंतिम चरण में आयोजित लिखित एवं प्रायोगिक मूल्यांकन परीक्षा में सभी 60 इनपुट डीलरों ने सफलता हासिल की. प्राचार्य डॉ. पारस नाथ ने सभी सफल प्रतिभागियों को विधिवत प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया और उन्हें कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया.

संतुलित उर्वरक प्रबंधन और मृदा स्वास्थ्य पर जोर

समारोह को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. पारस नाथ ने कहा कि इनपुट डीलर सीधे किसानों से जुड़े होते हैं, इसलिए उनकी जिम्मेदारी है कि वे किसानों को केवल उत्पाद बेचने के बजाय उर्वरकों के वैज्ञानिक और संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक करें. संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन से न केवल रासायनिक खादों की बर्बादी रुकेगी, बल्कि मिट्टी की सेहत और उर्वरता सुरक्षित रहते हुए फसलों की पैदावार व गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी.

प्रमुख कृषि वैज्ञानिकों की रही गरिमामयी मौजूदगी

प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन और मार्गदर्शन में महाविद्यालय के वैज्ञानिकों की अहम भूमिका रही. मृदा विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. कस्तूरिका सेन बेउरा, प्रशिक्षण कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. सुमन लता तथा पाठ्यक्रम सह-समन्वयक डॉ. जितेन्द्र सिंह प्रमुख रूप से मंच पर उपस्थित रहे. वैज्ञानिकों ने प्रतिभागियों को मृदा परीक्षण, सूक्ष्म पोषक तत्वों के प्रयोग और जैविक विकल्पों के समावेश की विस्तृत जानकारी दी.

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