मिनी देवघर में आज से गूंजेगा बोल बम का नारा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :01 Aug 2015 12:03 AM (IST)
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बाबा बरमेश्वर नाथ मंदिर सज-धज कर तैयार,सुरक्षा में तैनात किये गये आठ दंडाधिकारी एक माह तक रहेगा श्रद्धालुओं एवं कांवरियों का जमघट ब्रह्मपुर : बक्सर जिले में स्थित मिनी देवघर के रूप में विख्यात बाबा बरमेश्वरनाथ के मंदिर में पूरे सावन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है. मनोकामना लिंग के रूप में विख्यात इस शिवलिंग […]
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बाबा बरमेश्वर नाथ मंदिर सज-धज कर तैयार,सुरक्षा में तैनात किये गये आठ दंडाधिकारी
एक माह तक रहेगा श्रद्धालुओं एवं कांवरियों का जमघट
ब्रह्मपुर : बक्सर जिले में स्थित मिनी देवघर के रूप में विख्यात बाबा बरमेश्वरनाथ के मंदिर में पूरे सावन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है. मनोकामना लिंग के रूप में विख्यात इस शिवलिंग की स्थापना स्वयं भगवान विश्वकर्मा ने की थी. इसलिए मान्यता के अनुसार बाबा के दरबार में मांगी गयीं मुरादें निश्चित ही पूरी होती हैं.
प्रति वर्ष सावन में लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा के जलार्पण करते हैं. देवघर की तरह ही पूरे सावन लोग कांवर में बक्सर से गंगाजल लाकर बाबा को चढ़ाते हैं. सावन की सोमवारी को यहां और दिन की अपेक्षा ज्यादा भीड़ रहती है.
आज हो जायेगी बैरिकेडिंग
मंदिर तक पहुंचनेवाले चार मार्गो पर शनिवार तक बैरिकेडिंग करा दी जायेगी, ताकि भारी वाहनों का प्रवेश नहीं हो. सुरक्षा के लिहाज से आठ दंडाधिकारियों के तैनात किया गया है. जहां तक मंदिर व तालाब की सफाई की बात है, तो इसके लिए जिला प्रशासन से बात की गयी है, जल्द ही सफाई कार्य शुरू हो जायेगा.
भगवान झा, ब्रह्मपुर बीडीओ
पूरे सावन मास तक अतिरिक्त बलों की होगी तैनाती
थाना प्रभारी गोरख राम ने बताया कि पूरे सावन मास तक अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती मंदिर परिसर के लिए की जायेगी, जिससे किसी भी श्रद्धालु को परेशानी नहीं होगी.
10 सीसी टीवी लगाये गये हैं कैमरे
मंदिर प्रशासन की तरफ से इंतजाम बाबा बरमेश्वरनाथ पूजा समिति के अध्यक्ष रमेश पांडेय ने बताया कि 10 सीसी टीवी कैमरे मंदिर एवं परिसर के बाहर लगाये गये हैं, ताकि सब पर नजर रखी जा सके.
साथ ही 20 स्वयंसेवक नियुक्त किये गये हैं, जो भक्त जनों के जलार्पण में सहयोग करेंगे. मंदिर प्रशासन से जुड़े प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष डमरू बाबा, ओंकार पांडेय, शिव गोपाल पांडेय, उमाकांत पांडेय ने बताया कि बाहरी श्रद्धालुओं के लिए स्थानीय पंडितों के यहां रहने-खाने की व्यवस्था की जाती है. यहां रहने के लिए मंदिर के चारों तरफ धर्मशालाएं भी हैं.
मंदिर से सटे शिवसागर तालाब का जल प्रदूषित हो गया है. जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से इस जल से बदबू आ रही है, जिसमें स्नान करने से श्रद्धालु परहेज कर रहे हैं.
स्थानीय लोगों द्वारा पॉलीथिन में भर कर पूजा सामग्री प्रवाहित करने से तालाब में गंदगी का अंबार लगा हुआ है. सीढ़ी पर काई का परत जम गया, जिससे फिसल कर प्रत्येक वर्ष कई लोग डूब कर मरते हैं व पैर-हाथ तोड़ते हैं.
मंदिर के पूरब और उत्तर थाना मार्ग में गंदगी एवं कूड़ा-कर्कट का अंबार लगा है, जिसे अब तक साफ नहीं कराया गया है.दूर से आये श्रद्धालुओं के लिए शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. दूसरा कि स्नान करने के बाद महिलाओं को कपड़ा बदलने के लिए प्रबंध समिति कोई इंतजाम नहीं करती. जिससे महिलाएं खुले में ही कपड़े बदलने को विवश हैं.
मंदिर में जलार्पण के लिए कतार की व्यवस्था नहीं है, जिससे महिलाएं एवं पुरुष एक ही साथ धक्का-मुक्की करते हुए मंदिर में प्रवेश करते हैं, जिससे कई बार उचक्के महिलाओं के गहनों पर हाथ फेर देते हैं.
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