डेढ़ माह से आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चे पोषाहार से वंचित

Published at :25 Jul 2015 12:40 AM (IST)
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डेढ़ माह से आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चे पोषाहार से वंचित

डुमरांव : डेढ़ माह से आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को बिना पोषाहार ग्रहण कियेही पढ़ाई करनी पड़ रही है. वहीं, सेविकाओं का भी करीब पांच माह से वेतन, दो वर्षो से अधिक समय से केंद्रों का किराया बंद है. एक माह से आंगनबाड़ी केंद्रों का बुरा हाल है. समस्या के निदान के लिए कोई अधिकारी […]

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डुमरांव : डेढ़ माह से आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को बिना पोषाहार ग्रहण कियेही पढ़ाई करनी पड़ रही है. वहीं, सेविकाओं का भी करीब पांच माह से वेतन, दो वर्षो से अधिक समय से केंद्रों का किराया बंद है.
एक माह से आंगनबाड़ी केंद्रों का बुरा हाल है. समस्या के निदान के लिए कोई अधिकारी मसीहा बन कर आगे नहीं आ रहा है. पोषाहार बंद रहने से केंद्रों पर दिनों-दिन बच्चों की संख्या भी कमने लगी है. बच्चे लालचवश केंद्रों पर पढ़ने के लिए आते हैं. करीब एक माह से केंद्रों पर पोषाहार बंद रहने से अभिभावक भी अपने बच्चों को भेजने से कतराने लगे हैं.
वहीं, ईद जैसे पर्व पर भी सेविकाओं को वेतन नहीं मिलने से काफी नाराजगी है. इस बाबत सेविकाओं का कहना है कि दो वर्षो से अधिक समय से केंद्रों का किराया बाकी है. मकान मालिक काफी परेशान करते हैं. वहीं किराये की राशि देने में विभाग नये-नये नियमों को ला रहा है, जिसे मकान मालिक मानने को तैयार नहीं हैं.
इस बाबत सीडीपीओ कलावती कुमारी ने कहा कि पोषाहार ट्रेजरी में फंसा है, जिससे निकासी नहीं हो पा रही है. इस बात की जानकारी लगातार जिला मुख्यालय को दी जा रही है. वहीं किराया की राशि को लेकर कहा कि सेविकाओं द्वारा किरायानामा के साथ मकान मालिक का बैंक खाता की मांग की गयी है़ जैसे-जैसे सेविका जमा कर रही उनके खाते में किराये की राशि भेजी जा रही है.
आंगनबाड़ी संघ डीएम को देगा ज्ञापन : डुमरांव. आंगनबाड़ी यूनियन संघ अपनी 15 सूत्री मांगों को लेकर 10 अगस्त से जेल भरो अभियान चलायेगा.
यूनियन के अध्यक्ष ओम प्रकाश यादव ने बताया कि पांच अगस्त को तमाम परियोजना और सात अगस्त को डीएम व डीपीओ को मांग-पत्र सौंपने व प्रदर्शन करने की बात कही. वहीं, कहा कि 10 अगस्त से जेल भरो अभियान चलेगा. 15 सूत्री मांगों में निजीकरण नहीं हो, सेविकाओं को पेंशन, चयन रद्द, सेविकाओं को बहाल करने, चार घंटे के बदले आठ घंटे कार्य कराने की मांगें शामिल हैं.
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