फिलामेंट की रोशनी में उपभोक्ता

Published at :16 Apr 2015 6:31 AM (IST)
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फिलामेंट की रोशनी में उपभोक्ता

शहर में मिल रही 21 घंटे बिजली, लो वोल्टेज से काम-काज बाधित शहर में कहने को, तो चौबीस घंटे में 21 घंटे बिजली मिल रही है, लेकिन यह कैसी बिजली मिल रही, जिससे एक पंखा भी नहीं चल पा राहा है. लो वोल्टेज से शहर के उपभोक्ता परेशान हैं और विभाग के वरीय अधिकारी कहते […]

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शहर में मिल रही 21 घंटे बिजली, लो वोल्टेज से काम-काज बाधित
शहर में कहने को, तो चौबीस घंटे में 21 घंटे बिजली मिल रही है, लेकिन यह कैसी बिजली मिल रही, जिससे एक पंखा भी नहीं चल पा राहा है. लो वोल्टेज से शहर के उपभोक्ता परेशान हैं और विभाग के वरीय अधिकारी कहते हैं कि मेरे पास शिकायत ही नहीं आ रही है. वहीं, उपभोक्ता कहते हैं कि कई बार लिखित शिकायत कर चुके हैं.
बक्सर : शहर को इन दिनों दस से आठ मेगा वाट बिजली मिल रही है. बिजली नहीं रहने की समस्या अब यहां नहीं है. 24 घंटे में करीब 21 घंटे बिजली की आपूर्ति हो रही है, लेकिन समस्या लोगों को लो वोल्टेज से है. लो वोल्टेज के कारण बिजली रहे या ना रहे. बात बराबर है. इस समस्या से घरेलू उपभोक्ता से लेकर व्यावसायिक लोग भी परेशान हैं. हालांकि विभाग का दावा है कि पावर ग्रिड से शहर को एक समान विद्युत आपूर्ति की जाती है, लेकिन शहर में लो वोल्टेज की समस्या गहराती जा रही है. घर में लगे पंखा, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण सभी बेकार पड़े हैं.
इन जगहों पर है समस्या
केस वन-कोइरपुरवा मुहल्ला में अखबार का दफ्तर और दुकानें हैं. दिन में जैसे-तैसे काम चल जाता है, लेकिन शाम होते ही लो वोल्टेज से लोगों को परेशानी होती है. घर का काम भी ठीक से नहीं हो पाता. बिजली रहने के बावजूद लोगों को चायनीज लाइट का सहारा लेना पड़ रहा है. लो वोल्टेज के कारण मोटर से पानी भी नहीं भर पाता. उपभोक्ताओं के अनुसार यह समस्या यहां बहुत पहले से है. इसकी शिकायत विभाग में की गयी है. इसे ठीक करने के लिए कर्मी आते भी हैं. फिर भी यह पहले जैसा ही हो जाता है. अब तक स्थायी निदान नहीं हो सका है.
केस टू-नालाबंद टोली मुहल्ला में दो सौ केवीए का ट्रांसफॉर्मर लगा है. यहां फेज मारने की समस्या बहुत ज्यादा है. इस मुहल्ले में प्रिटिंग प्रेस, कपड़ों की बड़ी दुकानें और छोटे दुकानदार सबसे ज्यादा हैं. यहां बिजली के बिना काफी परेशानी होती है. लो वोल्टेज के कारण लोगों को जेनेरेटर चलाकर काम चलाना पड़ता है. लोग कहते हैं कि व्यावसायिक बिजली लेने से कोई फायदा नहीं है. यहां कुछ दिनों पूर्व बिजली विभाग को लिखित शिकायत की गयी. शिकायत के दूसरे दिन विभाग के कर्मी पहुंचे हुए थे. अब भी यहां फेज मारने की समस्या बनी हुई है.
केस-थ्री-हनुमान फाटक मुहल्ले में एक मसाला मील है. जबकि अन्य इलेक्ट्रीकल और कई दुकानें हैं. बिजली रहने के बावजूद लोगों ने किराये पर जेनेरेटर की सुविधा ले रखी है. लोगों का कहना है कि बिजली के भरोसे रहने से व्यवसाय पर बुरा असर पड़ रहा है. एक मसाला दुकानदार ने तो यहां तक की बिजली कनेक्शन ही कटवा दिया है. दुकानदार ने बताया कि जब बिजली भी रहती है, लो वोल्टेज से परेशानी बनी रहती है, जिसके कारण जेनेरेटर की सुविधा लेनी पड़ जाती है. ऐसे में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ जाता है.
नहीं चल रहा घर का पंखा और मोटर
लो वोल्टेज के कारण घर का पंखा, कूलर और मोटर नहीं चल रहा है. जिसके कारण सुबह में यदि लोग पानी की समस्या से परेशान हैं, तो दिन और शाम में पंखा तथा कूलर नहीं चलने से. सभी विद्युत उपकरण बेकार जैसे पड़े हुए हैं. बावजूद इसके विभाग लो वोल्टेज को सही करने में नहीं जुटा है. सबसे ज्यादा परेशानी गृहिणियों और छात्र-छात्राओं को हो रही है.
बाजार में बिक रहे चायनीज चार्जेबल लाइट भी लो वोल्टेज के कारण चार्ज नहीं हो पा रहे हैं. ऐसे में बिजली नहीं रहने और लो वोल्टेज के समय इनका प्रयोग भी नहीं हो पाता.
क्या कहते हैं समस्या से पीड़ित शहर के उपभोक्ता
शिक्षक मो. नफीस कहते हैं कि शाम में लो वोल्टेज के कारण पढ़ना-लिखना बंद हो गया है. बिजली का कोई फायदा नजर नहीं आता. लो वोल्टेज से न तो पंखा चलता है और नहीं मोटर. सभी बेकार पड़े हैं.
ठठेरी बजार के व्यवसायी बबलू कुमार जायसवाल ने कहा कि उनके मुहल्ले में हमेशा फेज मारने की समस्या बनी हुई है. कई बार विभाग में इसकी शिकायत की गयी है, लेकिन कोई बनाने के लिए नहीं आया. दिन से ज्यादा शाम में लो वोल्टेज के कारण परेशानी होती है.
हनुमान फाटक के गोविंद कुमार ने कहा कि लो वोल्टेज से दुकानदारी बाधित हो रही है. इंवटर भी पूरी तरह चार्ज नहीं हो पाता. यह समस्या हर दिन की है. जैसे-तैसे काम चल रहा है. विभाग को सक्रिय होना चाहिए. हमलोग पैसा समय पर जमा करते हैं.
जितेंद्र कुमार ने कहा कि विद्युत विभाग निजी कंपनी में जाने के बाद भी लोगों को बेहतर सुविधाएं नहीं दे पा रही है. कभी लो वोल्टेज, तो कभी हाई वोल्टेज से शहर में परेशानी बनी रहती है. विभाग पूरी तरह लापरवाह है.
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